औरैया। इंदौर में दूषित पानी से हुई घटना से भी जिम्मेदार सबक नहीं ले रहे हैं। शहर की आवास विकास स्थित कांशीराम कॉलोनी में पाइप लाइन से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है।
टूटे पड़े पाइपों से गंदगी घरों तक पहुंच रही है। बह रहा सीवरेज भी पानी को और ज्यादा दूषित कर रहा है। लोग छानकर पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, कई लोग पानी खरीदकर पी रहे।
कांशीराम कॉलोनी में 200 से अधिक परिवार रहते हैं। यहां हालात बदतर हैं। कॉलोनी में जगह-जगह पेयजल पाइप लाइन टूटी पड़ी हैं और उन्हीं पाइपों के पास से सीवरेज बह रहा है। ऐसे में घरों तक पहुंच रहा पानी कितना शुद्ध है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं। ऐसे में कॉलोनी के कई परिवार मजबूरी में पानी उबालकर व छानकर पी रहे हैं तो कई लोग कैंपर और बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हैं।
कांशीराम कॉलोनी में पीछे की तरफ से पानी की आपूर्ति के लिए पाइप डाले गए हैं। पीछे की तरफ कॉलोनी में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। सड़न और दुर्गंध के कारण यहां कोई देखने भी नहीं जाता है। इससे एक ओर जहां दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है तो वहीं दूसरी तरफ लोगों को बीमारियां फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
कभी आती है बदबू, कभी निकलते कीड़े
स्थानीय निवासी प्रदीप बताते हैं सप्लाई होने वाला पानी कभी बदबू मारता है, तो कभी उसमें कीड़े तक निकल आते हैं। जिन जगहों से पाइपलाइन घरों में जाती है, वहां इतनी गंदगी है कि पास खड़ा होना तक मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद जलकल विभाग आंख मूंदे बैठा है। लोग टूटे पाइप बंद करने के लिए देसी जुगाड़ आजमा रहे हैं। कई जगह नलों को लकड़ी की सहायता से बंद कर दिया गया है फिर भी पानी फैलता है। टूटी हुई लाइनों से सीवरेज पाइप में चला जाता है। पानी आने पर यही पानी के साथ मिलकर घरों में पहुंचता है, इससे दुर्गंध उठती है।
सैंपल और सफाई तक सीमित कार्रवाई
नगर पालिका का जलकल विभाग व्यवस्था सुधारने के दावे कर रहा है, लेकिन फिलहाल कार्रवाई सैंपल लेने और कागजी तैयारियों तक ही सिमटी नजर आ रही है। जब तक टूटी पाइप लाइन बदली नहीं जाती और सीवरेज से उसका संपर्क खत्म नहीं होता, तब तक किसी जांच रिपोर्ट का क्या मतलब रह जाता है।
लाइन के पास गंदगी
कॉलोनी में पीने लायक पानी नहीं आता। पीने का पानी छानकर रख लेते हैं, उसके बाद पीते हैं। मेरे घर के पास ही पाइप लाइन टूटी पड़ी है। उसके पास गंदगी पसरी रहती है।
- रेशमवती
कैंपर मंगा रहे
पानी से बहुत बदबू आती है, गंदा होता है। कैंपर मंगाकर पानी पी रहे हैं। पाइप लाइन से आने वाले पानी का प्रयोग घर के अन्य कार्याें के लिए करते हैं।
- सुनील कुमार
शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कांशीराम कॉलोनी में जहां भी शिकायतें हैं वहां दिखवाया जाएगा। टूटे पाइपों को भी ठीक कराया जाएगा।
-विपिन सिंह, अवर अभियंता जलकल विभाग
फोटो-36-काशीराम कॉलोनी में टूटे पड़े पाइप से बहता पानी और पास ही बिखरी गंदगी। संवाद- फोटो : टूंडला में बरामद बच्ची को उसकी मां को सौंपती जीआरपी व आरपीएफ पुलिस
फोटो-36-काशीराम कॉलोनी में टूटे पड़े पाइप से बहता पानी और पास ही बिखरी गंदगी। संवाद- फोटो : टूंडला में बरामद बच्ची को उसकी मां को सौंपती जीआरपी व आरपीएफ पुलिस
फोटो-36-काशीराम कॉलोनी में टूटे पड़े पाइप से बहता पानी और पास ही बिखरी गंदगी। संवाद- फोटो : टूंडला में बरामद बच्ची को उसकी मां को सौंपती जीआरपी व आरपीएफ पुलिस
फोटो-36-काशीराम कॉलोनी में टूटे पड़े पाइप से बहता पानी और पास ही बिखरी गंदगी। संवाद- फोटो : टूंडला में बरामद बच्ची को उसकी मां को सौंपती जीआरपी व आरपीएफ पुलिस