उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आह्वान पर प्रदेश व्यापी हड़ताल के तहत जिले में चल रही डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल से आम जनता से जुड़े काम ठप पड़े हैं। वहीं समस्या से आजिज लोग कार्यालय के चक्कर लगाकर बैरंग वापस लौट रहे हैं। इससे उनमें खासा आक्रोश व्याप्त है।
वहीं डिप्लोमा इंजीनियर अपनी मांगाें को पूरा कराने के चक्कर में पीड़ित उपभोक्ताओं की समस्याओं को नजरदांज कर रहे हैं। एक सप्ताह से जिले में डिप्लोमा इंजीनियरों की ओर से चल रहे कार्य बहिष्कार से आम जन परेशान है।
इस हड़ताल से खासकर बिजली, ट्यूबबैल, हैंडपंप आदि समस्या से जूझ रहे उपभोक्ता विशेष परेशानी उठा रहे हैं। इससे उनमें एक ओर जहां हड़ताल को लेकर खासा आक्रोश व्याप्त है।
वहीं जीवन की बहुमूल्य पेयजल की जरुरत को खराब पड़े सरकारी हैंडपंप के ठीक न होने से पेयजल की गंभीर समस्या झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
मोहल्ला बनारसीदास निवासी नीरज त्रिपाठी जब बिजली विभाग में अपने आईडीएफ बिल को ठीक कराने पहुंचे तो बताया गया कि संबंधित अधिकारी हड़ताल पर गए हुए हैं। ऐसे में हड़ताल के बाद ही उनकी समस्या का समाधान हो पाएगा।
वहीं समस्या दूर न होने से आहत नीरज ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से आईडीएफ बिल ठीक कराने को कार्यालय के चक्कर लगा रहा है। कभी अधिकारी साइट पर गए हैं तो कभी हड़ताल पर हैं बताकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
शहर से सटे ग्राम शहबदिया के प्रधान नजमुद्दीन ने गांव में छह से खराब पड़े हैंडपंप को ठीक कराए जाने का प्रार्थना पत्र लेकर जब जलनिगम कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई भी जेई मौजूद नहीं मिला। कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मियों ने बताया कि वह हड़ताल पर चल रहे हैं और ककोर मुख्यालय गए हुए हैं।
उन्होंने अपनी समस्या बताई तो बिना जेई के समाधान न हो पाने की बात बता दी है। ऐेसे गांव में पेयजल जैसी मूलभूत समस्या से लोग बहुत परेशान हैं।
एक्सईएन पीडब्लूडी एके अग्रवाल ने बताया कि डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल से सभी काम ठप पड़े हुए हैं। केवल मुख्य कामों को छोड़कर बाकी सब काम जहां के तहां बंद हैं। इससे विभाग के सामने भी समस्या व्याप्त है। हालांकि वह स्वयं व विभाग के एई मिलकर अधिकांश कामों पर निगेहबानी किए हुए हैं।