दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री व एसडीएम पर रेप के प्रयास का मुकदमा लिखाने वाली पीड़िता के परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शुक्रवार को पुलिस ने पति और बेटे को सीओ और सिपाहियों पर हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया। वहीं रात में ही उसके खिलाफ एक घर में घुसकर महिला से छेड़छाड़ और उसके पति पर फायर करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पीड़िता पूरे मामले में पति और बेटे को फंसाने का आरोप पुलिस पर लगा रही है।
शहर से सटे एक गांव निवासी महिला ने दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री मो. इरशाद व एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव पर रेप करने का प्रयास का आरोप लगाया था। मामला 2014 का है। हाल ही कमिश्नर के आदेश पर मंत्री और एसडीएम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मंत्री व एसडीएम पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सियासत तेज हो गई। इधर पीड़िता व उसका पति आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। गुरुवार को पीड़िता व उसके पति ने सीओ दफ्तर पहुंचकर गिरफ्तारी के लिए पूरे दिन हंगामा काटा। शुक्रवार की सुबह फिर पहुंचने पर पुलिस ने पति और बेटे को गिरफ्तार कर लिया। सीओ रमेश सिंह ने आरोप लगाया कि उक्त व्यक्ति गिरफ्तारी की मांग को लेकर उनसे उलझ गया और पत्थर चलाने लगा।
इससे वह और उनके सिपाही घायल हो गए। गिरफ्तारी के बाद ही पीड़िता ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर आरोप लगाया कि पुलिस उसके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाना चाहती है। इधर रात में पीड़िता के ही गांव के एक व्यक्ति ने पीड़िता के पति और दो अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई। तहरीर में उसने उसकी बहू के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। साथ ही बेटे पर फायर करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। रिपोर्ट में घटना चार सितम्बर की दिखाई गई है। कोतवाल सुधाकर मिश्रा का कहना है कि रिपोर्ट लिखकर मामले की जांच की जा रही है। सीओ रमेश कुमार का कहना है कि पीड़िता के दर्ज कराए मामले में जांच चल रही है। इसके बाबजूद इसने कार्यालय में आकर पत्थर चला दिए।