दिबियापुर से तीन दिन पूर्व लापता किशोरी शनिवार को इटावा स्टेशन पर बदहवास हालत में जीआरपी को मिली। वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। जीआरपी ने उससे घर का मोबाइल नंबर पूछकर परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी कर किशोरी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
शनिवार की दोपहर एक किशोरी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर स्थित बुक स्टाल के पास बदहवास हालत में रोती दिखी। यात्रियाें और स्टाल संचालक ने इसकी जानकारी जीआरपी को दी। इस पर महिला कांस्टेबल किशोरी को थाने ले आई। किशोरी से जीआरपी ने पूछताछ की, लेकिन उसने कुछ भी नहीं बताया। काफी प्रयास के बाद उसने अपने पिता अरुण कुमार का मोबाइल नंबर बताया। इस पर उसकी बात पिता से कराई गई। सूचना के दो घंटे बाद ही परिजन थाने पहुंच गए। परिजनों को देख फूट-फूटकर रोने लगी।
पिता के पूछने पर भी किशोरी यह नहीं बता पाई कि वह कैसे यहां पहुंची। गेल में फायरमैन के पद पर कार्यरत अरुण कुमार ने बताया कि वे वार्ड नंबर तीन लोहियानगर दिबियापुर के रहने वाले हैं। उनकी 13 वर्षीय बेटी एकता गेल गांव स्थित डीएवी स्कूल में कक्षा सात की छात्रा है। वह एक मार्च की सुबह मां सावित्री देवी से घर से दूध लेने की बात कहकर निकली थी। उसके बाद से लापता हो गई। अरुण ने बताया कि उसकी सभी जगह तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। उन्होंने बेटी की गुमशुदगी दिबियापुर थाने में दर्ज कराई थी। पिता के कहने पर जीआरपी ने किशोरी की सुपुर्दगी की कार्रवाई पूरी कर परिजनों को सौंप दिया।