निर्माणाधीन दिबियापुर-कंचौसी मार्ग में शीघ्र ही वाहन रफ्तार भरेंगे। निर्माण स्थल पर पौधों में आग लगना चर्चा का विषय बना है। निर्माण इकाई घास-फूस जलाने की बात कह रही है। वहीं दूसरी ओर कहीं मुआवजे से बचने को एक हादसे का रूप देने की तैयारी तो नहीं है। वन विभाग ने निर्माण इकाई को शीघ्र एस्टीमेट भेजने की बात कही है।
दिबियापुर-कंचौसी नहर पटरी पर बने पुराने मार्ग के चौड़ीकरण का काम युद्घस्तर पर चल रहा है। यह मार्ग वर्षो से उखड़ा पड़ा था। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटहिल हो रहे थे। वहीं भारी वाहनों के फंसने पर जाम की स्थिति बनी रहती है।
इधर मार्ग मरम्मत और चौड़ीकरण को शासन से मंजूरी मिल गई थी। इस क्रम में काम धीमी गति से चल रहा था। सड़क निर्माण में हजारों पेड़ों को काटकर हटाने का मामला सामने आया था। वन विभाग ने निर्माण इकाई को क्षतिपूर्ति का ब्योरा भेजा था, लेकिन अभी तक निर्माण इकाई ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
पिछले तीन दिनों से निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। निर्माण स्थल पर कई पेड़ों में आग लगाने का मामला सामने आया है। यह आग पेड़ों पर कैसे लगी अथवा किसी ने जानबूझ कर आग तो नहीं लगाई।
निर्माण विभाग की कार्रदाई संस्था सुभम इंटरप्राइजेज के अवर अभियंता अजयपाल सिंह ने बताया कि रास्ते में पौधे व घासफूस एवं झाड़ी होने के कारण आग लगाना जरूरी है। पौधों की नुकसान की भरपाई को विभाग को लिखा जाएगा।