शासनादेश के तहत वेतन न मिलने से खफा नगर पंचायत के संविदा सफाई कर्मी बुधवार से हड़ताल पर चले गए। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें शासन से निर्धारित 14 हजार रुपये मासिक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे।
इधर नगर पंचायत क्षेत्र में गंदगी के ढेर लगने के अंदेशा के चलते बुधवार की शाम को ही बोर्ड की आपात कालीन बैठक बुलाई गई। सर्व सम्मति से तय हुआ कि अगर गुरुवार सुबह तक हड़ताली सफाई कर्मी वापस नहीं लौटे तो उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया जाएगा।
पुराना वित्तीय वर्ष समाप्त होते ही अनुबंध समाप्त होने के कारण नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई के लिए ठेके पर रखे गए सफाई कर्मियों से काम लेना बंद कर दिया गया। नगर पंचायत पर दबाव बनाने को तीन दर्जन संविदा सफाई कर्मी प्राउटिस्ट सर्व समाज के जिलाध्यक्ष सिंटू बाल्मीकि की अगुवाई में ईओ महेशचंद्र उपाध्याय से मिले।
बताया कि तमाम नगर पंचायतों में संविदा सफाई कर्मियों को शासनादेश के तहत वेतन मिल रहा है, जब कि दिबियापुर नगर पंचायत में नहीं मिलता।
ईओ महेश चंद्र उपाध्याय ने संविदा सफाई कर्मियों को समझाया कि इस बारे में नगर पंचायत बोर्ड के प्रस्ताव पर शासन को पत्र भेजा गया है। शासन की संस्तुति होने के बाद ही इन संविदा कर्मियों को नए शासनादेश के अनुरूप बढ़ा हुआ वेतनमान मिल सकेगा। इसके बावजूद संविदा सफाईकर्मी नहीं माने।
नगर पंचायत कार्यालय में बोर्ड की बैठक अध्यक्ष शीला गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। बैठक मेें सफाई व्यवस्था का मुददा छाया रहा। इस दौरान कुल तीन प्रस्ताव मौजूद सभासदों की आम सहमति से पास हुए तथा किसी भी कीमत पर सफाई व्यवस्था गड़बड़ाने न देने पर पूरा जोर दिया गया।
वरिष्ठ सभासद सुभाष यादव ने हड़ताल पर गए सफाई कर्मियों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि वेतन वृद्धि का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा जा चुका है। फिर भी सफाई कर्मी काम करने को राजी नहीं हुए। उन्होने कहा कि गुरूवार तक काम पर न लौटने वाले कर्मियों की सेवायें समाप्त की जाए।
सभासद अजय पोरवाल ने प्रस्ताव लिखवाया कि नये टेंडर में जो सफाई कर्मी रखे जाएं। उनमें एक परिवार से मात्र एक को ही काम पर रखा जाए तथा उनकी नियुक्ति क्षेत्रीय वार्ड सभासद की संस्तुति से की जाए।
नामित सभासद राजेन्द्र अम्बेडकर ने कहा कि जब तक ठेका कर्मियों का नया अनुबंध नही हो जाता तब तक मौजूदा ठेकेदार राशिद खान का ठेका बढ़ाया जाए, जिसे सर्व सम्मति से पासकर दिया गया।
अध्यक्षपति सुखलाल गुप्ता, वरिष्ठ लिपिक नरेन्द्र सिंह राजावत के साथ मो0 इकरार भाई, मीरा यादव, राजबहादुर राजपूत, ममता देवी, प्रिंस यादव, राहुल अम्बेडकर, धर्मपाल सिंह सेंगर, श्रीकृष्ण पिछड़ा, शैलेन्द्र अग्रवाल एवं रामजी सोनी आदि सभासद मौजूद रहे।