संवाद न्यूज एजेंसी
फफूंद। क्षेत्र की फफूंद देहात पंचायत के गांव सरैया में डायरिया फैलने की सूचना पर डिप्टी सीएमओ, सीएचसी अधीक्षक, संक्रामक रोग नोडल अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग की टीम, जिलाधिकारी ने पहुंचकर गांव में अलग मोहल्लों में शिविर लगाकर 110 मरीजों की जांच की। उन्हें ओआरएस व दवा वितरित की।
फफूंद देहात पंचायत के गांव सरैया में शुक्रवार को डायरिया बीमारी से गांव निवासी सुरेश बाबू और रेखा देवी पीड़ित हुए। जिनकी हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए और भर्ती कराया। शनिवार सुबह इसी मोहल्ले के 15 से अधिक लोग और डायरिया की चपेट में आ गए। जिसमें 10 बच्चे भी शामिल थे। डायरिया पीड़ित 60 वर्षीय रानी, सुधा और सुनीता देवी की उल्टी दस्त बंद न होने से हालत बेहद बिगड़ गई। जिन्हें परिजन अकबरपुर और कानपुर ले गए। जहां उनका इलाज चल रहा है।
वहीं गांव के डेढ़ वर्षीय सत्यम, 17 वर्षीय मनीष, 10 वर्षीय देव, 8 वर्षीय खुशी, डेढ़ वर्षीय अनिस, छह माह की मानवी, 5 वर्षीय मयंक, डेढ़ वर्षीय तान्या, सुनील, रमन आदि बच्चों के भी डायरिया की चपेट में आने से बुरी तरह बीमार हो गए। जिन्हें उनके परिजन औरैया और फफूंद इलाज के लिए ले गए। उन्हें भर्ती कराया।
गांव में डायरिया फैलने की सूचना पर मंगलवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज कुमार के साथ संक्रामक रोग नोडल अधिकारी डॉ. सरफराज अंसारी, दिबियापुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद, जिला मलेरिया अधिकारी सुषमा पांडे, मलेरिया इंस्पेक्टर प्रवीना उत्तम, फार्मासिस्ट सत्येंद्र पांडे, रामपाल कुशवाह सहित 10 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी गांव पहुंचे। अलग-अलग मोहल्लों में कैंप लगाकर मरीजों की जांच की। उन्हें ओआरएस व दवा वितरित की।
संक्रामक रोग नोडल अधिकारी डॉ. सरफराज अंसारी ने गांव में घर-घर जाकर मरीजों को देखा और उन्हें संक्रामक रोग से बचाव संबंधी जानकारी दी। चिकित्सकों की टीम ने 110 मरीजों की जांच की। डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि गांव में जलजमाव से घरों में लगे हैंडपंप के जल प्रदूषित होने से बीमारी फैलने की आशंका है। गांव में 110 से अधिक लोगों की जांच की गई। जिसमें 10 से 12 लोगों ने उल्टी, दस्त की दिक्कत बताई है। जिनको दवा दी गई है। शाम को जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने गांव पहुंचकर मरीजों से उनका हाल जाना।
सीएमओ को मरीजों की बेहतर तरीके से देखभाल करने व उनको जरूरी दवाइयां मुहैया कराने, नगर पंचायत प्रशासन को गांव में साफ-सफाई कराने व दवा का छिड़काव कराने के लिए निर्देशित किया है। - डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, डीएम
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जल जमाव से मलेरिया न फैले, विभाग हुआ सक्रिय
सरैया गांव में चिकित्सकों की टीम के साथ पहुंचे संक्रामक रोग नोडल अधिकारी डॉ. सरफराज अंसारी, जिला मलेरिया अधिकारी सुषमा पांडे, मलेरिया इंस्पेक्टर प्रवीना उत्तम और वार्ड ब्वाय अरविंद ने गांव और घरों के आसपास जल भराव को देखा। जलभराव से मच्छर जनित बीमारियों, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया। उनके घरों के आसपास पड़े खाली डिब्बे, गड्ढों और टायर आदि में पानी भरा देखकर उसे खाली करवाया।
एडीओ पंचायत ने संभाली गांव की सफाई की कमान
क्षेत्र के गांव सरैया में जबरदस्त गंदगी है। कई मोहल्लों में महीनों से सफाई कर्मी नहीं पहुंचा। जिसमें डायरिया पीड़ितों का मोहल्ला भी शामिल है। ब्लाक के एडीओ पंचायत संतोष तिवारी कड़ा रुख अपनाकर खुद गांव पहुंचे। उनके निर्देश पर एक दर्जन सफाई कर्मियों की फौज भी सरैया जा पहुंची। एडीओ ने पूरे गांव की गलियों का भ्रमण किया। गंदगी देख उनका पारा चढ़ गया। सफाई कर्मियों को कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सख्त ताकीद किया। ग्रामीण गोविंद, मनोज कुमार, रविंद्र, कमलेश बाबू ने एडीओ को बताया की छह माह से सफाई कर्मी उनके मोहल्ले में नहीं आया। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एडीओ पंचायत ने प्रधान पति विमल दोहरे के साथ शाम तक गांव में रूककर सफाई का कार्य अपनी निगरानी में कराया।