बिधूना। क्षेत्र के सभी शिवालयों में शनिवार रात से लेकर रविवार देर रात तक बम-बम भोले की गूंज सुनाई देती रही। खास तौर पर गंगा जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों की मौजूदगी से मंदिरों में रौनक रही।
कस्बा क्षेत्र वनखंडेश्वर, देवघट मंदिर, भयानकनाथ मंदिर पर कांवड़ियों की भीड़ देखने को मिली। जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। पुलिस बल भी तैनात रहा। पौराणिक स्थल देवघट मंदिर व बिधूना के वनखंडेश्वर महादेव, भिखरा सराय में फटेश्वर शिव मंदिर पर धार्मिक आयोजन भी होते रहे। कांवड़िये व शिवभक्त महादेवा मंदिर पहुंच कर हर-हर महादेव के जयकारे लगाते रहे। कोतवाल मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि भीड़ पर नजर रखी गई। (संवाद)
बेलपत्र, भांग, दूध से किया गया जलाभिषेक
फफूंद। महाशिवरात्रि पर भक्तों ने भोलेनाथ को जलाभिषेक कर उन्हें बेलपत्र, भांग, दूध आदि का भोग लगाया। कस्बे के बाबा ख्यालीदास आश्रम स्थित शिव मंदिर, अछल्दा चौराहा स्थित कालेश्वर मंदिर, मुरादगंज तिराहे पर स्थित महादेव मंदिर, मोहल्ला तिवारीयान स्थित योगेश्वर धाम पर भीड़ रही। वहीं, कायस्थान स्थित शिव मंदिर, पाता तिराहे पर स्थित शिव मंदिर, मोहल्ला केशरवानी स्थित शिव मंदिर, होमगंज स्थित शिव मंदिर, राम जानकी मंदिर व प्राचीन महावीर धाम पर भी काफी भीड़ रही। महादेव का भव्य शृंगार किया गया। भक्तों ने जगह जगह स्टाल लगाकर गन्ने के रस का वितरण भी किया। (संवाद)
सुबह चार बजे खुले मंदिर के कपाट
अजीतमल। महाशिवरात्रि पर कस्बा स्थित बगिया वाले शंकरजी मंदिर के सुबह चार बजे कपाट खुलते ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। जैनपुर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भी यही नजारा देखने को मिला।
साथ ही भीखेपुर, हैदरपुर, बिरहूनी, सांफर, गंगादासपुर, अनंतराम, बडेरा, सिकरौडी, मोहारी बाबरपुर, अटसू, बल्लापुर, विलावा और लालपुरा के शिवालयों में भी भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भोलेनाथ का गंगाजल, दूध, दही, शहद और शुद्ध जल से अभिषेक किया। भांग, धतूरा, बेलपत्र, बेर, गन्ना, फल-फूल व धूप-अगरबत्ती अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिरों में भजन-कीर्तन, घंटा-घड़ियाल व शंख ध्वनि से आध्यात्मिक माहौल बना रहा। कई स्थानों पर प्रसाद वितरण और भंडारे का भी आयोजन किया गया। (संवाद)
जेवेश्वर धाम में चढ़ाए जवारे और झंडे
सहार। कस्बा के जीवा सिरसानी स्थित जेवेश्वर धाम में शिवरात्रि पर विशाल मेला आयोजन किया गया। मेले में सैकड़ों साल पुरानी परंपरा के तहत भक्तों पूजा की। खास तौर पर भक्तों ने जवारे और झंडे चढ़ाए। मेले में सैकड़ों तरह की दुकानें लगीं।
जेवेश्वर मंदिर का इतिहास सालों पुराना है। मंदिर के पुजारी पंडित शिवस्वरूप ने बताया कि मंदिर में पूजा के बाद भक्त अपनी पूरी मनोकामना पूरी होने पर झंडे और जवारे चढ़ाकर अपना आभार जताते हैं। मेले में इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की भी मौजूदगी देखने को मिली। (संवाद)
फोटो-29-देवकली मंदिर परिसर में ड्रोन उड़ाकर निगरानी करते एसपी अभिषेक भारती। स्रोत: पुलिस
फोटो-29-देवकली मंदिर परिसर में ड्रोन उड़ाकर निगरानी करते एसपी अभिषेक भारती। स्रोत: पुलिस
फोटो-29-देवकली मंदिर परिसर में ड्रोन उड़ाकर निगरानी करते एसपी अभिषेक भारती। स्रोत: पुलिस
फोटो-29-देवकली मंदिर परिसर में ड्रोन उड़ाकर निगरानी करते एसपी अभिषेक भारती। स्रोत: पुलिस