ब्रह्मलीन बाबा परमहंस बगिया में चल रहे धर्मानुष्ठान में बुधवार को बाल व्यास छोटे ठाकुर महाराज की कथा श्रवण के लिए क्षेत्र के महिला एवं पुरुष श्रद्धालु खासी संख्या में उमड़े। रेलवे कालोनी परिसर में छठवे दिन भक्ति धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।
बाल व्यास छोटे ठाकुर महाराज ने अंबरीश एवं भगवान राम चरित्र का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। कृष्ण जन्म की विस्तृत कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने संसार के लोगों को मर्यादा में रहना सिखाया। उत्तम भाई, उत्तम चरित्र, उत्तम पुत्र, उत्तम पति के कर्तव्यों का पालन किया और अंत में मर्यादा में रहते हुए रावण का अंत भी किया।
अंबरीश के चरित्र में भगवान की भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि भक्त के वश में भगवान रहते हैं। वे अपने भक्तों की रक्षा में तत्पर रहते हैं। जब दुर्वासा ऋषि ने क्रोध में आकर अंबरीश का वध करने को कृत्या नाम की राक्षसी को प्रकट किया तो भगवान के सुदर्शन चक्र ने अंबरीश की रक्षा की। भगवान ने दुर्वासा ऋषि से कहा कि वे तो भक्त के पराधीन है।
वामन अवतार का वर्णन करते हुए कहा कि राजा बलि की दान भक्ति श्रेष्ठ रही। उन्होंने स्वयं को भी भगवान को अर्पण कर दिया। वृंदावन धाम से पहुंचे भरत शरण महाराज रामकथा सुना रहे हैं। आयोजकों के अनुसार तीन मई को कथा विश्राम, चार मई को विशाल भंडारा एवं पांच मई को भव्य शोभा यात्रा का आयोजन होगा।