औरैया। देव दीपावली पर्व पर सोमवार को शहर स्थित देवकली मंदिर को लाइट, झालरों व फूलों से सजाया गया। शाम को शिव-पार्वती की आकृति बनाकर दीप जलाए गए। इस दौरान शाम से देर रात तक मंदिर में भीड़ लगी रही।
कार्तिक मास में सोमवार यानी सात नवंबर को देवकली मंदिर में देव दीपावली का आयोजन हुआ। भक्तों ने भगवान शिव व माता पार्वती की सुंदर आकृतियां मंदिर प्रांगण में बनाकर अगल-बगल दीए जलाए। पौराणिक मान्यता है कि एक बार त्रिपुरासुर राक्षस ने अपने आतंक से मनुष्यों समेत देवी-देवताओं और ऋषि मुनियों को भी परेशान कर दिया था, उसके त्रास के कारण हर कोई त्राहि-त्राहि कर रहा था।
तब सभी देवी व देवताओं ने भगवान शिव से राक्षस का अंत करने का निवेदन किया था। तब भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध किया था। इसी खुशी में सभी देवी-देवताओं ने दीप जलाकर खुशियां मनाई थीं। जिस दिन यह घटना हुई थी कि वह कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि थी। इसी वजह से हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा पर देवकली मंदिर में भी देव दीपावली मनाई जाती है।
मंदिर में शाम से देर रात दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही।