औरैया। गांव स्तर पर विकास की राह को धार देने के लिए शासन स्तर से पंचायत सचिवालयों पर जोर है। यही वजह रही कि पिछले पांच सालों में तेजी से पंचायत सचिवालयों का निर्माण हुआ। इस सब के बावजूद जनपद की 10 पंचायतों में अभी सचिवालय नहीं बन सके हैं। ग्राम प्रधान के घर से ही गांव की सरकार चलाई जा रही है। अब तमाम जद्दोजहद के बाद महज चार सचिवालयों को मंजूरी मिली है।
जिले में कुल 477 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें से 467 ग्राम पंचायतों में सचिवालयों के निर्माण के साथ ही गांव की सरकार चलाने वाली गतिविधियों के लिए संसाधन भी जुटा लिए गए हैं। पंचायतों को हाईटेक बनाते हुए सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
जनपद की 10 पंचायतें ऐसी हैं, जहां अभी तक सचिवालयों के लिए भवन नहीं बनाए जा सके हैं। बिधूना में दो, औरैया में एक, सहार में दो, अछल्दा में एक, अजीतमल में चार पंचायतें ऐसी हैं। यहां पर ग्राम प्रधान अपने घर से ही विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार कर धरातल पर काम चल रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक अब चार सचिवालयों के निर्माण को मंजूरी मिली है। ऐसे में अब छह पंचायतें फिर से छूट जाएंगी। संबंधित ग्राम प्रधानों की ओर से अपनी पंचायतों को प्राथमिकता से सूची में शामिल कराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।
-
ब्लॉक यहां नहीं सचिवालय का भवन
बिधूना - ताजपुर व सांवलिया
औरैया- बरीपुरमाफी
सहार- हरवंशपुर व पौंथी
अछल्दा- कमारा
अजीतमल- चांदपुर ककरैया, गौहानी कला, शौरी गढि़या, दरवटपुर
-
बोले जिम्मेदार
‘जनपद की 10 पंचायतों में पंचायत भवन का अभाव है। शासन स्तर से चार पंचायत भवनों के लिए धनराशि को मंजूरी मिली है। जल्द ही चिह्नीकरण का काम पूरा कराते हुए पंचायत सचिवालयों का निर्माण शुरू कराया जाएगा।’
-रामसुमेर गौतम, सीडीओ