औरैया। जिले में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की किल्लत से जूझ रहे कारोबारियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। गैस एजेंसियों ने अब कॉमर्शियल सिलिंडर की डिमांड कंपनी को भेजनी शुरू कर दी है।
माना जा रहा है कि एक-दो दिन में आपूर्ति शुरू हो जाएगी। अब तक कंपनी की ओर से एजेंसियों को कॉमर्शियल सिलिंडर नहीं भेजे जा रहे थे, इससे कारोबार प्रभावित हो रहा था।
इस्राइल-ईरान युद्ध के चलते घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए केंद्र सरकार ने कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक लगा दी थी। तब एजेंसियों के पास स्टॉक में जो सिलिंडर रखे थे, उनकी डिलिवरी की गई। अब सरकार को रोक हटाए एक सप्ताह से अधिक का समय हो गया है, तब भी कंपनियों की ओर से एजेंसियों को कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही थी।
अब कंपनियों की ओर से डिमांड भेजने को कह दिया गया है। शहर से सटी दर्शन गैस एजेंसी से शुक्रवार को कॉमर्शियल सिलिंडर की डिमांड भेज दी गई थी। सोमवार तक आपूर्ति होने की संभावना जताई गई है। इसी प्रकार अन्य एजेंसियों ने भी इन सिलिंडरों की डिमांड भेज दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिन में आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
कॉमर्शियल सिलिंडर की बुकिंग में कुछ गैस एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं से पुरानी रसीद मांग रहे हैं, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं। सामान्य दिनों में अधिकतर लोग रसीद नहीं लेते थे, ऐसे में अब उन्हें घरों में रसीद तलाशनी पड़ रही है। जबकि ऐसा कोई नियम नहीं है। पासबुक के आधार पर बुकिंग की जाती है। मौके का फायदा उठाने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है।
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कारोबारियों पर पड़ा सीधा असर
सिलिंडर की कमी का सबसे अधिक असर होटल, ढाबा और ठेला संचालकों पर पड़ा है। कई छोटे कारोबारियों को मजबूरी में वैकल्पिक साधनों से काम चलाना पड़ रहा है, जिससे आमदनी में भारी गिरावट आई है।
कंचौसी निवासी श्यामू राठौर टिक्की का ठेला लगाते हैं। उन्होंने बताया कि करीब दस दिन पहले सिलिंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन सिलिंडर नहीं मिल सका। मजबूरी में उन्हें खोदी गई भट्ठी पर ही खाना और टिक्की के आइटम तैयार करने पड़ रहे हैं।
ग्राहकों की मांग को देखते हुए उन्होंने किसी तरह पांच किलो का छोटा सिलिंडर भरवाकर काम चला रहे हैं। बताया कि पहले उनकी रोजाना करीब डेढ़ हजार रुपये तक की बिक्री होती थी, जो अब घटकर आधी से भी कम रह गई है।