औरैया। निपुण भारत मिशन के तहत बेसिक स्कूलों में बच्चों को निपुण किए जाने का कार्य चल रहा है। इसके लिए शिक्षकों, संकुल शिक्षकों के अलावा एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब एआरपी एवं शिक्षक संकुल को आवंटित हुए स्कूल में कक्षा तीन तक के विद्यार्थी निपुण हुए या नहीं इसकी जानकारी के लिए डायट प्रशिक्षुओं को लगाया गया है, जो कि 28 नवंबर से 5 दिसंबर के बीच जनपद के 621 विद्यालयों में पहुंच कर निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से आकलन करेंगे कि बच्चों का शैक्षिक स्तर क्या है। इस दौरान बच्चों का शैक्षिक रिपोर्ट से न केवल तुरंत अध्यापक व बच्चे भी अवगत होंगे बल्कि बच्चों के शैक्षिक स्तर का पूरा डाटा सीधे परियोजना तक भी पहुंचेगा।
मंगलवार को दिए गए रोस्टर के क्रम में जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में डायट प्रशिक्षुओं द्वारा विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों का आकलन किया गया। इस दौरान कक्षा 1,2,3 की प्रत्येक कक्षा से 12-12 बच्चों का आकलन किया गया।
एप में टेक्निकल समस्या से प्रशिक्षु रहे परेशान
प्रशिक्षुओं के निपुण लक्ष्य एप में जिओ फेंसिंग से लैस होने की वजह से विद्यालय पहुंचने पर ही एप द्वारा आकलन किया जा सकता था। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं द्वारा शिकायत की गई कि विद्यालयों में होने के बाद भी टेक्निकल समस्या की वजह से एप विद्यालय की लोकेशन सही न होना बता रहा है। जिससे काफी विद्यालयों में एप न चलने की वजह से आकलन प्रभावित हुआ।
हिंदी विषय के आकलन में हुई परेशानी
निपुण लक्ष्य एप द्वारा आकलन करने पर हिंदी विषय के आकलन में प्रशिक्षुओं व शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बच्चे द्वारा निर्धारित समय में पढ़ने के बाद भी एप द्वारा निपुण न दिखाने की बात सामने आई। वहीं एप द्वारा बच्चों की आवाज न पकड़ने से होनहार निपुण घोषित न हो पाए।
डायट प्रशिक्षुओं का व्यवहार भी बना चर्चा का विषय
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के असिस्टेंट के लिए पहुंचे डायट प्रशिक्षुओं के सामंजस्यपूर्ण व्यवहार न करने की शिकायत भी अध्यापकों ने की। इस दौरान शिक्षकों ने अवगत कराया कि विद्यालय स्टाफ व छोटे बच्चों के साथ सहजतापूर्ण व्यवहार न करने के कारण आकलन प्रभावित हो रहा है।
कंट्रोल रूम के जरिये समस्या समाधान
प्रशिक्षुओं को आकलन में कोई व्यवहारिक व तकनीक दिक्कत न हो इसके लिए डीसी प्रशिक्षण गुंजन श्रीवास्तव के नेतृत्व में एसआरजी सुभाष रंजन द्विवेदी, सुनील दत्त राजपूत व अलका यादव ने आने वाली समस्याओं का समाधान देने का प्रयास कर रहे हैं।