क्षेत्र के गांव हरी का पुर्वा में डायरिया से विकलांग युवक की मौत हो गई। गांव के तकरीबन दर्जन भर लोग डायरिया की चपेट में हैं। ककोर के निकट सौ शैय्या अस्पताल में डायरिया के कई मरीज इलाज करा रहे हैं। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को भी दी गई। महकमे की टीम के गांव न पहुंचने से लोगों में आक्रोश है।
हरी का पुर्वा में डायरिया ने पैर पसार लिए हैं। डायरिया की चपेट में आने से विकलांग पवन(18) पुत्र जगरूप की मौत हो गई है। गांव की नेहा(12) पुत्री राधेश्याम, गौरव(17) पुत्र राजेश,लाखन सिंह(60) पुत्र लज्जाराम, मीरा(18) पुत्री शिवकुमार, रामबिटोली(50)पत्नी शिवकुमार, राहुल(12)पुत्र रामस्वरूप, रंजू(16) पुत्री राजेश कुमार, सत्यम(13) पुत्र ऊधल, नंदनी(8) पुत्री श्याम सिंह, सौरभ(16) पुत्र श्याम सिंह, पूजा(21) पत्नी दीपू ,शिवानी(7) पुत्री प्रमोद, साधना(4) पुत्री प्रमोद, संध्या(3) पुत्री प्रमोद, रीता(2) पुत्री प्रमोद, नितिन(4) पुत्र पुष्कर ,सोनाली(5) पुत्र अखिलेश, आदित्य(4) पुत्र अरविंद, महसूम(3) पुत्र नीरज, अदिति(2) पुत्र अरविंद बीमार हैं।
डाक्टर न होने से बच्चे ने दम तोड़ा
शहर से आठ किलोमीटर दूर बने सौ शैय्या अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ न होने से छह माह का मासूम तड़पता रहा । इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। चिचौली के पास सौ शैय्या अस्पताल में शनिवार रात लगभग नौ बजे दिबियापुर के दुर्गा नगर में रहने वाली ममता पोरवाल पत्नी रामजी पोरवाल छह माह के बच्चे को लेकर पहुंचीं। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ न होने से बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत पर मां का रो -रो कर बुरा हाल था। परिजनों ने आक्रोश जताया तो अस्पताल स्टाफ ने उन्हें वहां से जाने को कह दिया। परिजन उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कहकर चले गए।