फफूंद (औरैया)। फफूंद से लापता युवक के इटावा में जख्मी मिलने और मंगलवार को सैफई में इलाज के दौरान उसकी मौत होने से नाराज परिजनों ने फफूंद दिबियापुर रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने युवक की हत्या का आरोप लगाया है। कहा कि मामले में तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। करीब ढाई घंटे बाद पुलिस के तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने पर ग्रामीणों ने शव हटाया।
फफूंद थाना क्षेत्र के गांव नियामतपुर निवासी किसान सुजानवीर (30) पुत्र तिलक सिंह रविवार सुबह गांव के ही तीन युवकों के साथ दावत में जाने की बात कहकर गया था। देर शाम तक उसके वापस न आने पर पत्नी ने फोन किया तो एक एंबुलेंस चालक ने बताया कि सुजानवीर उसे इटावा की बकेवर कोतवाली अंतर्गत गांव टिलिटीला के पास सड़क पर घायल मिला है। वह उसे सैफई ले जा रहा है। जानकारी पर परिजन सैफई पहुंच गए। उन्होंने बकेवर कोतवाली में गांव के ही तीन लोगों पर सुजानवीर से मारपीट करने का आरोप लगा तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद बुधवार सुबह शव के गांव पहुंचते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने व उनकी गिरफ्तारी की मांग की। बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे फफूंद दिबियापुर रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। सीओ सदर सुरेंद्र नाथ ने आक्रोशित परिजनों को समझाया लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। दोपहर 12 बजे मृतक के पिता तिलक सिंह की तहरीर पर बकेवर कोतवाली में फफूंद के गांव नियामतपुर निवासी तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के छह साल का पुत्र स्पर्श और दो पुत्रियां 8 साल की पलक, व चार साल की अन्नू हैं।
ये है मामला
तिलक सिंह ने बताया कि 14 मार्च की सुबह उसके पुत्र सुजानवीर को गांव के ही सोनू, गुरु व करन इटावा के टिलिटीला गांव में दावत खाने की बात कहकर ले गए थे। इन लोगों ने पुत्र पर ईंट पत्थर से वार कर गांव किनारे सुनसान जगह पर डाल दिया था। सैफई में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।