मृतक के शव के पास रोती विलखती महिलाएं
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क्षेत्र के गांव पिपरौली में शुक्रवार रात बेकाबू डीसीएम ने सड़क किनारे सो रहे चार लोगों को रौंद दिया। हादसे में एक वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई। बेकाबू डीसीएम इसके बाद दुकानों में जा घुसी। घटना से गांव में कोहराम मच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। मौके परर पहुंचे एसडीएम ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
गांव पिपरौली शिव में मुख्यमार्ग पर शू स्टोर की दुकान किए व्यापारी नंदकिशोर कोरी अपनी दुकान के सामने ही सड़क किनारे सो रहा था। रात करीब दो बजे कानपुर की ओर आ रही डीसीएम ने नंदकिशोर (50) को कुचल दिया। वहीं पास में ही चारपाई पर सो रहे तुलाराम(65), अमर सिंह (35) पुत्र तुलाराम, रामबहादुर (16) पुत्र अमर सिंह को भी कुचल दिया। इसके बाद डीसीएम दुकानों में जा घुसी। घटना के बाद डीसीएम चालक मौके से फरार हो गया।
हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े। हादसे में व्यापारी नंदकिशोर की मौके पर ही मौत हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। सूचना पर एसडीएम मदन चंद दुबे, नायब तहसीलदार संजय कुशवाहा, थानाध्यक्ष अनिल पांडे व गांव प्रधान अजय वर्मा मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। उन्होंने किसान बीमा दुर्घटना के तहत पांच लाख और परिवारिक लाभ योजना की राशि दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस ने डीसीएम को कोतवाली में खड़ा करा लिया। दोपहर बाद बसपा के पूर्व विधायक शिवप्रसाद यादव ने जाकर घटना की जानकारी ली। मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया।