स्व. दर्शन सिंह दार्शनिक विचारधारा के व्यक्ति थे, उनके प्रयास से हजारों छात्र-छात्राएं क्षेत्र में शिक्षित होकर देहात व समाज में नाम रोशन कर रहे हैं। पिता के अनुशासन का असर बच्चों पर भी दिया और वह देश की सेवा कर रहे हैं। यह बात दर्शन सिंह स्मृति महाविद्यालय में 12वें स्मृति दिवस विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक ने कही।
शुक्रवार को एमएलसाी पाठक ने कहा कि आज शिक्षा में उच्च गुणवत्ता की आवश्यकता है। शिक्षा में सुधार ही देश को तरक्की के मार्ग पर लेकर जा सकता है। पूर्व एमएलसी अशोक दुबे ने कहा कि स्व. दर्शन सिंह की विचारधारा दार्शनिक थी।
भाजपा के मंडलीय अध्यक्ष बालचंद्र मिश्रा ने कहा कि वह इस शिक्षा के इस मंदिर में पहले भी आ चुके है। उन्हें अपने पुराने दिन याद आते हैं। जब अनुशासन पर चलने की उन्हें नसीहत दी जाती है। उस समय वह बुरा लगता था लेकिन आज वह उनके काम आ रहा है।
इसीक्रम अकबरपुर लोकसभा सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने कहा कि मां-बाप के प्यार ने उन्हे हमेशा अच्छा करने के लिए प्रेरित किया। जब कभी वह परेशानी व मुसीबत में होते है तो पिता के विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ते है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व वृद्धों को सम्मानित किया गया।