औरैया। यमुना नदी पुल की क्षतिग्रस्त विंग वाॅल बुधवार को आए तूफान में ढह गई। इसके साथ वॉल के सहारे के लिए लगी मिट्टी की बोरियां और बल्लियां भी ढह गईं। दरअसल, पिछली साल बारिश में वॉल के क्षतिग्रस्त होने पर यहां मिट्टी भरी बोरियां और बल्लियों का सहारा दिया गया था। ऐसे में एक बार फिर से यमुना नदी पुल के संपर्क मार्ग पर संकट गहराया है। सड़क पर आवागमन खतरे के बीच हो गया है। यहां पर अभी तक चेतावनी संकेत व बैरिकेडिंग तक नहीं लगाई जा सकी है।
शहर से सटे शेरगढ़ घाट पर यमुना नदी पुल में पिछले साल आईं खामियों के बाद यहां पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगी हुई है। पुल की खामी को लेकर आई रिपोर्ट के बाद बेयरिंग बदलने की कवायद भी जल्द शुरू होनी है। इसी बीच बुधवार रात आई आंधी व रिश के बीच पुल की विंग वॉल एकाएक खाई में ढह गई है। यह वॉल पिछली बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई थी। ढहने की स्थिति को भांपते हुए सेतु निगम की ओर से बल्लियां लगाते हुए मिट्टी भरी बोरियों की मदद से मजबूत की गई थी। पहली बारिश के साथ ही इसकी मजबूती धरी की धरी रह गई। दाएं छोर की वॉल नीचे जा गिरी है। वहीं, सड़क किनारे मिट्टी का कटान भी हो गया है। इस बीच वाहनों का आवागमन खतरे से खाली नहीं है। आगामी दिनों में होने वाली बारिश में मुसीबत और बढ़ सकती है। फिलहाल यहां पर जरूरी सावधानी भी नहीं उठाई जा सकी है। यहां पर वाहन चालकों को सचेत करने का बोर्ड भी नजर नहीं आ रहा है।
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बोले जिम्मेदार
यमुना पुल के संपर्क मार्ग की मरम्मत का काम चल रहा है। उसका एक हिस्सा पहले से ही क्षतिग्रस्त है। बुधवार की बारिश के बाद भी उसका जो हिस्सा ढहा है, उससे कोई नुकसान नहीं होगा। उसका मरम्मत पहले से ही प्रस्तावित है।
अमर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
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