रथ पर सवार भगवान शंकर के रुप में कलाकार। संवाद
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औरैया। शहर में मंगलवार को गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से भगवान शंकर की बरात निकाली गई। बरात में देवी-देवताओं के अलावा भूत-प्रेत रथों पर सवार होकर चल रहे थे। लंकेश ट्रैक्टर पर सवार होकर फरमान सुना रहे थे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह बरात पर फूल बरसाए।
पुराना नुमाइश मैदान रामलीला स्थल से मंगलवार शाम रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने पूजा-अर्चना कर भगवान शंकर की बरात निकाली। इस दौरान बिजली की रोशनी से चकाचौंध भव्य सिंहासन पर भगवान शंकर विराजमान होकर सबसे आगे चल रहे थे। उनके पीछे नौ देवियों के रूप में सजीं कन्याएं रथ पर बैठी थीं।
भगवान विष्णु, कुबेर, नारद के रूप में सजे कलाकार भी इसमें शामिल हुए। बरात में एक रथ पर लंकेश रावण विराजमान थे। उनकी ओर से लोगों को नए-नए फरमान जारी किए जा रहे थे। लंकेश के फरमान सुनकर लोग हंसी से लोटपोट हो रहे थे। वहीं लोग बरात में धार्मिक गीतों पर जमकर नाचते हुए चल रहे थे।
बरात शहर में इटावा रोड, सरकारी अस्पताल होते हुए ब्लॉक गेट, जेसीज चौराहे के रास्ते कचहरी रोड पहुंची। यहां कुछ देर रुकने के बाद बरात जनक दुलारी इंटर कॉलेज होते हुए मोहल्ला बनारसीदास बड़ी माता मंदिर के रास्ते दिबियापुर रोड पर पहुंची। इसके बाद वापस रामलीला मैदान पर पहुंचकर संपन्न हुई।
तिलक इंटर कॉलेज के पास समाजसेवी लालजी शुक्ला ने भगवान शंकर का पूजन किया। इटावा रोड पर स्थित श्रीजी पेट्रोल पंप पर कमल वर्मा ने परिवार समेत भगवान शंकर की आरती उतारी।
बरात में शामिल श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद- फोटो : AURAIYA
रथ पर सवार देवी के रुप में बैठी कन्या को तिलक लगाकर पूजा करते समाजसेवी लालजी शुक्ला। संवाद- फोटो : AURAIYA