बीती 19 फरवरी को पुलिस अभिरक्षा से फरार रेशू डान को स्वाट टीम और दिबियापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भागने की फिराक में खड़े रेशू डान के साथ उसके तीन साथी भी पकड़े गए हैं। गिरफ्तारी के बाद रेशू डान ने किसी बड़ी घटना को अंजाम दिए जाने की बात स्वीकारी है।
कोतवाली में एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि थाना दिबियापुर के ग्राम उमरी निवासी रेशू शुक्ला उर्फ रेशू डान जेल में निरूद्ध चल रहा था। विगत 19 फरवरी को पेशी के दौरान वह कोर्ट से फरार हो गया था। एएसपी ने बताया कि उक्त आरोपी ने भागने के बाद हत्या के मामले के गवाह बड़े तिवारी व दीपू यादव को फोन पर जान से मारने की धमकी दी।
इसकी रिपोर्ट दिबियापुर थाने में दर्ज कर ली गई। उन्होंने बताया कि एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिबियापुर एसओ अखिलेश मिश्र व एसओजी प्रभारी नन्हेलाल यादव व स्वाट टीम प्रभारी अनिल बाथम को नियुक्त किया। पुलिस के अनुसार 24 फरवरी को शहर के जालौन चौराहे के पास भागने के फिराक में रेशू डान और उसके साथी नीलू ठाकुर उर्फ अरविंद निवासी कंचौसी, इंदल काछी निवासी जमौली व बृजकिशोर शर्मा निवासी हतवंत खेरगढ़ थाना फिरोजाबाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक तमंचा व दो कारतूस बरामद किए हैं।
सर्विलांस ने निभाई अहम भूमिका
पुलिस अभिरक्षा से फरार रेशू डान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस पहले से ही अलर्ट हो गई थी। लेकिन हत्याकांड के मामले में गवाह को धमकी देना रेशू डान को महंगा पड़ गया। रेशू डान की ओर से बड़े तिवारी को जान से मारने की धमकी देने के बाद सर्विलांस टीम सक्रिय हो गई। सर्विलांस टीम के अमर सिंह, रवि कुमार व धर्मेंद्र सिंह ने अहम भूमिका निभाते हुए पुलिस को पल-पल की सूचना दी। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने रेशू डान को को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
रेशू ने कबूले कई राज
सूत्रों की माने तो पुलिस ने रेशू डान को 22 फरवरी को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन पुलिस ने रेशू डान से कई राज पूछने के लिए उसकी गिरफ्तारी से मना किया। रेशू डान से रातभर पूछताछ के बाद उसने कई राज उगले हैं।