जेब से रुपए निकलने के बाद बिलखता पीड़ित
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सरकार की ओर से 500 और हजार के नोट बंद होने के बाद बैंक में रुपये जमा करने गए युवक की जेब ने किसी ने 49 हजार रुपये पार कर दिए। इस दौरान पीड़ित ने लाइन में लगे एक युवक पर रुपए निकालने का शक जताया। उसने आरोप लगाया कि रुपये निकालकर आरोपी ने बैंक में जमा करा दिए हैं। बैंक रिकार्ड चेक करने के बाद करेंसी का मिलान न होने पर आरोपी युवक को पुलिस ने छोड़ दिया।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ग्राम लखनापुर निवासी प्रदीप कुमार पुत्र होरी लाल नगर स्थित सिंडीकेट बैंक में 49 हजार रुपये जमा कराने गया था। वह लाइन में लगकर बैंक के अंदर काउंटर पर पहुंचा। यहां उसने रुपये जमा करने के लिए जेब में हाथ डाला तो रुपये गायब थे। इस पर पीड़ित ने हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि पीछे खड़े सहायल रोड दिबियापुर निवासी युवक ने उसकी जेब से रुपये पार कर दिए हैं। रुपये निकालकर आरोपी ने अपने खाते में जमा कर दिए हैं। जिस पर आरोप था उसने भी 49 हजार रुपये ही जमा किए थे। शक के आधार पर बैंक के बाहर खड़े एसएसआई विनोद कुमार मिश्रा दोनों पक्षों को लेकर थाने ले आए।
प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी द्वारा जमा किए गए रुपयों की जानकारी बैंक जमा रसीद के माध्यम से बैंक में जाकर की। बैंक में चेक करने पर पता चला कि जिस युवक पर आरोप लगाया जा रहा है उसके नोटों की संख्या अलग है। इस पर आरोपी को छोड़ दिया गया। संदिग्ध को छोड़ने पर पीड़ित ने बैंक के बाहर हंगामा काटा। एसएसआई विनोद कुमार मिश्रा का कहना है कि बैंक के सीसीटीवी फुटेज देखकर जांच की जाएगी।
पैन कार्ड न होने पर तीन दिन से परेशान
पीड़ित प्रदीप कुमार केअनुसार वह कच्ची मूंगफली खरीदकर उन्हें भार में भूनने का काम करता है। उसने मूंगफली खरीदने के लिए इधर उधर से कर्जा लेकर डेढ़ लाख रुपये जमा किए थे। जब पुराने नोट बंदी की बात सुनी तो वह रुपये जमा कराने के लिए बैंक पहुंचा। यहां बिना पैन कार्ड के एक बार में 49 हजार रुपये जमा कराने की बात कही गई। पिछले दो दिन में उसने 49-49 हजार रुपये जमा करा दिए। आज तीसरे दिन रुपये जमा कराने गया तो किसी ने चपत लगा दी।