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महिला से बेटे को छीनकर भागा एसआई

Fri, 23 Mar 2018 11:41 PM IST
auraiya
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औरैया। सदर कोतवाली परिसर में गुरुवार की देर शाम एक पीड़ित महिला कोतवाली में रोते-रोते अपने पुत्र को उप निरीक्षक के जाल से बचाने की गुहार लगाती रही। बावजूद इसके डेढ़ घंटे तक पुलिस उसे कोतवाली में बिठाकर अभी चलने की बात कहते हुए टहलाती रही। महिला ने बताया कि दस साल पहले वह तत्कालीन एसओजी प्रभारी के चंगुल में फंस गई थी। जिससे उसके एक पुत्र भी हुआ था लेकिन बाद में एसओजी प्रभारी ने उसकी हत्या करने का प्रयास किया। जिसमें उसकी तहरीर पर एसओजी प्रभारी के खिलाफ हत्या का प्रयास व दुष्क र्म का मामला भी दर्ज किया गया था। इस सिलसिले में उप निरीक्षक ने समझौते के लिए उसे धोखे से औरैया बुलाकर उसका पुत्र उससे छीनकर भाग गया।
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बिधूना कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली ज्योति उर्फ ज्योत्सना ने गुरुवार को कोतवाली पहुंचकर पुलिस से अपनी पीड़ा बयां की। जिसमें उसने बताया कि दस साल पहले वह तत्कालीन एसओजी प्रभारी औरैया एसआई तौफीक अहमद के चंगुल में किसी तरह से फंस गई। इस बीच उनके बीच संबंध भी बने जिससे उन्हें एक पुत्र भी हुआ। पीड़िता ने बताया कि इसके बाद दो-तीन साल के बाद दोनों के बीच संबंध बिगड़ गए। घटना के समय वह तौफीक अहमद के साथ कुशीनगर में रह रही थी। जिस पर एसआई तौफीक अहमद ने उसे जान से मारने का प्रयास किया। इस मामले की एफआईआर कुशीनगर में दर्ज है।

 पीड़िता ने बताया कि गुरुवार को तौफीक अहमद उसे बिधूना से अपने साथ औरैया यह कहकर लाया कि वह समझौता करना चाहता है और अब वह उससे कभी नहीं झगडे़गा, हम लोग साथ-साथ रहेंगे। पीड़िता ने बताया कि किसी तरह से अपना घर बसने की बात सुनते ही मन में सब कुछ भुला कर समझौता करने में ही भलाई समझी। इसी बात के चलते वह एसआई तौफीक अहमद के साथ औरैया आ गई।
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बताया कि औरैया में तौफीक अहमद ने उसे जिला अस्पताल के सामने स्थित विकास लॉज में ठहरा दिया। शाम लगभग छह बजे तौफीक अहमद उसे व उसके बच्चे को यह कहकर साथ लेकर चल दिया कि वह उसे घुमाने मंदिर ले जा रहा है। इसी बीच जैसे ही उसकी कार जालौन चौराहे के पास पहुंची ही थी कि तभी तौफीक ने किसी बहाने से उसे कार से नीचे उतार दिया। जैसे ही पीड़िता कार से नीचे उतरी तभी उप निरीक्षक उसके पुत्र को लेकर कार सहित भाग गया।

पीड़िता ने बताया कि इस दौरान उसने दूसरे के फोन से यूपी 100 नंबर पर काल की पर काल न लगने के बाद वह वापस किसी तरह से लॉज पर पहुंची इस उम्मीद के साथ कि शायद तौफीक उसके बच्चे को लेकर लॉज में बैग लेने आएगा, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। इस पर पीड़िता ज्योति ने लॉज के मैनेजर को पूरी बात बताई। जिसके बाद वह मैनेजर के साथ कोतवाली पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी देते हुए उप निरीक्षक तौफीक से अपने बच्चे को बचाने की गुहार लगाई। पीड़िता का आरोप है कि कोतवाली में मौजूद पुलिस उसे साथ चलने के नाम पर डेढ़ घंटे तक टहलाती रही। इसके बाद जब वह गाड़ी से उसे लेकर तौफीक अहमद को ढूढ़ने निकले तब तक तौफीक फरार हो चुका था। पीड़िता ने पुलिस पर जानबूझकर तौफीक के भागने में सहयोग करने का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस उसकी कोई मदद नहीं कर रही है। उसने बताया कि इसके बाद उसे सीओ सिटी की गाड़ी से लॉज पर भिजवा दिया गया।
इनसेट---
बच्ची से दुष्कर्म के मामले में भी जा चुका है जेल
पीड़िता ज्योति ने बताया कि तौफीक अहमद कुशीनगर में एक आठ साल की मासूम के साथ दुष्क र्म के मामले में जेल भी जा चुका है। एक महिला के साथ भी धारा 376 की घटना में जेल जा चुका है।
इनसेट---
पुत्र को मुस्लिम समुदाय में शामिल करने पर दे रहा जोर
ज्योति ने बताया कि वह हिंदू है और तौफीक मुस्लिम समुदाय से हैं। बताया कि शुरुआत में ही जब वह उसके चक्कर में पड़कर एक बच्चे की मां बनी थी तभी दोनों के बीच इस बात पर समझौता हुआ था कि वह अपना धर्म परिवर्तन नहीं करेगी। अब उप निरीक्षक तौफीक अहमद उसके पुत्र जिसका नाम शिव है को मुस्लिम समुदाय में शामिल करने पर जोर दे रहा है। इसी साजिश के तहत वह उसके पुत्र को छीनकर ले गया है। उसे यह भी शक है कि तौफीक अहमद उसके पुत्र को मार दे ।
कोट
सीओ सिटी वंदना सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है। पुलिस उप निरीक्षक तौफीक अहमद की खोज कर रही है। जैसे ही गिरफ्त में आएंगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पर देर से जाने का आरोप बिल्कुल गलत है। जैसे ही पीड़िता कोतवाली पहुंची थी तत्काल उनके साथ फोर्स को रवाना किया गया था। इस दौरान एक-डेढ़ घंटे तक उप निरीक्षक की खोजबीन भी की गई थी।
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