प्लांट में मशीन सीज करते टीम के कर्मचारी।
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बुधवार को भी वाटर प्लांटों में छापेमारी अभियान चला। शहर व आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगे वाटर प्लांटों पर छापा मारा गया। इस दौरान टीम ने सात वाटर प्लांटों को सीज किया। संचालकों को बिना कागजातों के प्लांट चलाने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी गई।
बुधवार को दूसरे दिन एसडीएम सदर अमित राठौर के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीके दुबे व औषधि प्रशासन विभाग ने संयुक्त रूप से वाटर प्लांटाें पर छापेमारी अभियान चलाया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीके दुबे ने बताया कि छापेमारी के दौरान समरथपुर में संचालित कपिल वाटर प्लांट के मालिक कपिल तिवारी, पढ़ीन दरवाजा मोहल्ला में विसले वाटर प्लांट मालिक निधि सिंह , बनारसीदास मोहल्ला में वीटा फ्रेश वाटर प्लांट के मालिक अशोक अग्रवाल, बनारसीदास मोहल्ले में अर्पित नीर वाटर प्लांट के मालिक विपिन बाबू, गांव चिरूहली में कन्हैया वाटर प्लाट के मालिक हरिओम दुबे , सत्तेश्वर मोहल्ले में गंगा नीर वाटर प्लांट के मालिक हेमंत पोरवाल, ब्रह्मनगर मोहल्ले में श्रीजल वाटर प्लांट के मालिक संजीव चौहान के प्लांट सीज किए गए।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने प्लांट संचालकों से कागज मांगे। कागज न दिखा पाने पर नमूने भर कर मशीनों को सीज कर दिया। छापेमारी के दौरान कुछ प्लांट बंद भी मिले। इन प्लांटों के मालिकों ने कहा कि कार्रवाई के चलते उन्होंने पहले ही प्लांट बंद कर दिए। फिर भी यह प्लांट सीज किए गए।
छापेमारी के दौरान टीम ने प्लांट मालिकों को सख्त चेतावनी दी कि बिना कागजातों के प्लांट चलाया तो एफआईआर दर्ज होगी। छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरके निरंजन व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।