वाटर प्लांट में छापेमारी के दौरान मौजूद अधिकारी।
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मिनरल वाटर प्लांटों पर एसडीएम सदर के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी की। छापे में शहर के चार वाटर प्लांटों को सीज करने की कार्रवाई की गई है। छापे की सूचना पर कई प्लांट संचालक ताले लगाकर भाग निकले। छापे में मिले कर्मचारियों से पूछताछ के बाद प्लांट मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात एसडीएम ने कही है।
शहर में लगभग एक दर्जन अवैध मिनरल प्लांट हैं। यहां से भारी मात्रा में पानी के पाउच व बॉटल की सप्लाई की जाती है। यह सप्लाई बाजारों के अलावा घरों में भी होती है। संचालक नियमों को धता बताकर प्लांट चला रहे हैं।
मानकों के अनुरूप पानी की सप्लाई नहीं क ी जाती है। शिकायतों पर मंगलवार को एसडीएम सदर अमित राठौर, मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी जीके दुबे ने कोतवाल सुधाकर मिश्रा के साथ पुलिस टीम लेकर शहर में वाटर प्लांटों पर छापेमारी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान टीम ने पांडेय वाटर प्लांट, गगन वाटर प्लांट, मिश्रा वाटर प्लांट और तिवारी वाटर प्लांट पर छापेमारी की।
छापे के दौरान प्लांट मालिक नहीं मिले। कर्मचारियों से पूछताछ की गई। टीम ने पानी के नमूने लिए। इन प्लांटों को सीज करने की कार्रवाई की गई। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीके दुबे ने बताया कि वाटर प्लांटों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है। जिन प्लाटों पर छापेमारी की गई, वहां जरूरी कागजात नहीं मिले हैं। न ही पानी की सप्लाई में नियमों का पालन किया जा रहा है। अभियान लगातार जारी रहेगा। नियम विरुद्ध वाटर प्लांट संचालित नहीं होने दिए जाएंगे।