कोतवाली परिसर में खड़ी मृतक की कार
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इंडियन ऑयल के पास शनिवार रात हादसे में युवक की मौत का मामला पेचीदा हो गया है। मृतक के पिता ने अपने भतीजे पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो परिजनों ने शव को दिबियापुर रोड पर रखकर जाम लगा दिया। तीन घंटे जाम के बाद पुलिस ने घटना को हत्या माना और तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की। मृतक के पिता का कहना है कि रंजिश में पहले उसके छोटे बेटे की हत्या की गई और अब उसके बड़े बेटे को शिकार बनाया गया।
शनिवार रात इंडियन आयल के पास हुए हादसे में मोहल्ला नरायनपुर निवासी पुष्पेंद्र की मौत हो गई थी। जिला अस्पताल में शव देखकर मृतक के पिता रुप किशोर ने पुत्र की हत्या करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। शाम चार बजे तक रिपोर्ट दर्ज न होने पर मृतक के परिवारीजनों ने दिबियापुर रोड पर शव रखकर जाम लगाया। तीन घंटे बाद सीओ सिटी चौधरी रमेश सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिये।
पिता रुप किशोर ने तहरीर में बताया कि मार्च 2015 में उसके छोटे बेटे हर्षित की हत्या उसके भतीजे सुनील कुमार पुत्र हरीशंकर निवासी लखना जिला इटावा ने की थी। सुनील उससे परिवारिक रंजिश मानता है। 26 नवंबर को उसके पुत्र पुष्पेंद्र को पंकज शर्मा पुत्र रामेश्वर दयाल निवासी गोविंद नगर लेकर गया था। बताया कि पुत्र की हत्या की जानकारी उन्हें मोहल्ले के लोगों ने दी ही थी। बताया कि पंकज और सुनील का अक्सर मिलना जुलना होता रहता है इन्ही लोगों ने उसके पुत्र की हत्या की है।
रुपकिशोर ने बताया कि यदि दुर्घटना होती तो पुत्र की कार भी क्षतिग्रस्त होती। कार क्षतिग्रस्त नहीं है। सीओ सिटी चौधरी रमेश सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। मामले की जांच होने पर स्पष्ट हो जाएगा। हत्यारों की गिरफ्तारी की जाएगी।