औरैया। सदर कोतवाली में दर्ज हुए 11 करोड़ रुपये गबन के मामले में कोतवाली पुलिस ने प्रबंध निदेशक की तलाश में दबिशें देनी शुरू कर दी हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि उक्त प्रबंध निदेशक बहुत बड़ा फ्राड है। मथुरा में मुख्य शाखा संचालित थी। जहां पहले से ही गबन के कई मामले दर्ज हैं। वहीं इस प्रकरण में प्रबंध निदेशक को सीबीआई की अदालत में भी पेश होना था लेकिन वह नहीं हुआ। उधर, सेबी की भी नजर कंपनी पर है।
कल्पतरु कंपनी के प्रबंधक निदेशक सहित उसके साथ काम करने वाले आधा दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ कोतवाली औरैया में गुरुवार को मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पीड़ित लोगों ने पुलिस से रुपये वापस कराने की मांग की थी। वहीं लोगों ने मामले में अभिकर्ता व ग्राहक वेेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों ने एसपी से मिलकर प्रबंध निदेशक की करतूतों की जानकारी देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
सीओ सिटी वंदना सिंह ने बताया कि जैसा की उनकी जानकारी में आया है कि कल्पतरु ग्रुप के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक जयकृष्ण सिंह राणा ने कल्पतरु बिल्डटेक कारपोरेशन, केबीसीएल इंडिया लिमिटेड, कल्पतरु मेगामार्ट, कल्पतरु मेटल्स आदि नाम से कई कंपनियां खोल रखी हैं। इन कंपनियों के माध्यम से वह आम जनता की कमाई को निवेश के नाम पर जमा कराता था।
बताया कि यह एक बहुत बड़ा मामला है। जिसमें उक्त कंपनी का मथुरा में मुख्य कार्यालय था। वहां पर भी प्रबंध निदेशक सहित उसके कई कर्मियों के खिलाफ गबन के मामले दर्ज हैं। यही नहीं इसी प्रकरण में प्रबंध निदेशक को सीबीआई की अदालत में भी पिछले दिनों पेश होना था लेकिन वह अंडरग्राउंड चल रहा है। वहीं सेबी को भी उसकी जोरशोर से तलाश है। बताया कि फिलहाल औरैया पुलिस को भी उसकी तलाश है। इसके लिए छापेमारी भी की जा रही है। जल्द ही प्रबंध निदेशक पुलिस की गिरफ्त में होगा।