एक किसान की जमीन के कागज लगाकर फर्जी तरीके से दूसरे के नाम क्रेडिट कार्ड बना लिया। क्रेडिट कार्ड पर लोन भी ले लिया। अब किसान के घर जब कर्ज माफी का प्रमाण पत्र पहुंचा तो उसे कर्ज की जानकारी हुई। पीड़ित ने मुख्यालय पर पहुंचकर डीएम से शिकायत की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
सोमवार को औरैया क्षेत्र के गांव सल्हापुर निवासी रामसनेही व दिलासाराम ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया। पीड़ितों ने बताया कि गांव सल्हापुर में उनकी पुरानी भूमि है। मार्च 2005 में किसी ने फर्जी तरीके से पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर की साठगांठ से उनकी भूमि लगाकर क्रेडिट कार्ड बनवा लिया। उन्हें इस बारे में तब पता चला जब ऋणमाफी का प्रमाण पत्र उनके घर पहुंचा।
बैंक अधिकारी भी अब कुछ नहीं बता रहे। पीड़ित ने बताया कि तहसील दिवस में शिकायत की थी मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित किसानों ने डीएम से जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की।