अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को 18 साल पुराने किशोरी के अपहरण और रेप के मामले में दोषी को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। सहयोग करने में तीन अन्य दोषियों को दस साल का कारावास और 75-75 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। एक नाबालिग का मुकदमा दूसरी कोर्ट में चल रहा है।
मामला 16 जुलाई 1999 की रात नौ बजे का है। वादी अधिवक्ता की रिपोर्ट के अनुसार बंथरा बिधूना निवासी गंगाधर सिंह, दीप सिंह, छुन्नू व अखिल आपसी विवाद सुलझाने के लिए उसके घर पर आए।
इसी बीच गंगाधर की पुत्री भी आ गई। गंगाधर की पुत्री ने प्रसाद बताकर पेड़े को वादी, उसकी पत्नी और बच्चे को खिला दिए। कुछ ही देर में सभी लोग अचेत हो गए। इसके बाद सभी लोगों ने वादी की पुत्री (17) का अपहरण कर लिया।
साथ ही तमाम सामान भी चोरी कर लिया। इधर, होश में आने के बाद वादी की ओर से रिपोर्ट लिखाई गई। पुलिस जांच में गंगाधर के मकान से किशोरी के कपड़े बरामद हुए। घटना के दूसरे दिन अखिल उर्फ अखिलेश के घर से किशोरी को पुलिस ने ढूंढ निकाला। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
बुधवार को सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने अखिल उर्फ अखिलेश पुत्र रामधनी को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड सुनाया। वहीं सहयोग करने में दीप सिंह, गंगाधर व छुन्नू को 10-10 वर्ष कैद और 75-75 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपियों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं गंगाधर की पुत्री नाबालिग थी। इसलिए उसका मामला अलग कोर्ट में विचारधीन है।