अस्पताल का निरीक्षण करते जिलाधिकारी शमीम अहमद
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जिला अस्पताल में बाइक खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में तीमारदार ने सफाईकर्मी की पिटाई कर दी। इससे गुस्साए स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी बंद कर दी। बरामदे में इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे। सूचना पर पहुंचे एसडीएम ने समझा कर शांत कराया। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर स्वास्थ्यकर्मी शांत हुए। इस दौरान करीब दो घंटे मरीज परेशान रहे।
सौ शैय्या जिला अस्पताल में शनिवार सुबह लगभग आठ बजे सफाई कर्मचारी हैप्पी सफाई कर रहा था। इसी दौरान ग्राम ककुरिया निवासी पुष्पेंद्र अपने रिश्तेदार को देखने बाइक से अस्पताल पहुंचे। पुष्पेंद्र ने गलत जगह बाइक खड़ी कर दी। इसी बात को लेकर तीमारदार पुुष्पेंद्र और सफाईकर्मी हैप्पी के बीच विवाद हो गया। तीमारदार ने सफाईकर्मी को पीट दिया। इस पर सफाईकर्मी शोर मचाने लगा। शोर सुन अन्य स्वास्थ्यकर्मी बाहर आ गए। इस बीच पुष्पेंद्र भाग निकला। गुस्साए स्वास्थ्यकर्मियों ने ओपीडी बंद कर दी। डाक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मि हाल में आकर नारेबाजी करने लगे। इसकी सूचना पर इंस्पेक्टर सुधाकर मिश्रा व एसडीएम सदर राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। सफाई कर्मचारी की तहरीर पर पुष्पेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी शांत हुए।
दो घंटे भटकते रहे मरीज
सफाई कर्मचारी की पिटाई के बाद ओपीडी बंद होने से मरीज उपचार कराने के लिए लगभग दो घंटे भटकते रहे। डाक्टरों की केबिन बंद थी। फफूंद थाना के गुलाबपुर में रहने वाली सीमा को दिखाने पहुंचीं सास अनारो देवी को बहू को जमीन पर लिटाना पड़ा। बाद में लोगों के हस्तक्षेप करने के बाद सीमा को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
बंद मिली अस्थायी अस्पताल चौकी
अस्पताल परिसर में तीमारदार सफाई कर्मचारी को पीट रहा था। अस्पताल परिसर की अस्थायी चौकी मेें ताला लटका था। इस मामले में सीएमएस डा.राजीव रस्तोगी ने बताया कि तीन माह से चौकी पर इंचार्ज की तैनाती नहीं है। एक सप्ताह पहले एसपी को पत्र लिखकर चौकी इंचार्ज की तैनाती की मांग की थी। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर सुधाकर मिश्रा से सीएमएस ने चौकी बंद होने की शिकायत दर्ज कराई। कहा कि अगर मौके पर सिपाही होते तो घटना को रोका जा सकता था।