लाखों की उधारी से बचने के लिए एक युवक ने खुद के अपहरण की कहानी रची। उसके पिता ने शहर के एक व्यापारी के बेटे के खिलाफ अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच की। इधर एसओजी टीम ने कथित अपहृत युवक को राजस्थान से बरामद कर लिया। जहां वह एक फर्म पर काम करता हुआ मिला।
एक माह पूर्व शहर के जालौन बस अड्डा निवासी गोपाल पुत्र संतोष गुप्ता अचानक गायब हो गया। युवक के पिता ने दीपक पुत्र रमाकांत के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर दीप का कहना था कि वह उसके साथ गया था। लेकिन अनंतराम टोल प्लाजा पर उतरकर अन्य साथियों के साथ चला गया। पुलिस ने पूरे मामले की गहनता से छानबीन की तो मामला फर्जी समझ में आया। मामले को खुलासे के लिए एसओजी टीम को लगाया गया।
एसओजी टीम ने युवक को लोकेशन मिलने पर राजस्थान में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान युवक एक फर्म पर काम करता हुआ मिला। एसओजी टीम ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में एसओजी प्रभारी संतोेष मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले का गुरुवार को खुलासा किया जाएगा। कोतवाल सुधाकर मिश्रा ने बताया कि उन्हें बरामदगी की सूचना मिल गई है।
सर्विलांस के जरिए पहुंची पुलिस
पुलिस ने अपह्रत युवक के परिजनों के भी मोबाइल सर्विलांस पर लगाए थे। इसके अलावा युवक के सभी नम्बर भी सर्विलांस पर लगे थे। इसी की सहायता से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई और एसओजी टीम ने उसे दबोच लिया।