अपहृत छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सिर्फ एक को आरोपी बनाया है। पुलिस ने इस मुकदमे को बीते 23 जनवरी को पीड़िता के पिता की तहरीर को आधार बनाया है। इस घटना में शामिल अन्य चार के खिलाफ रिपोर्ट न होने से परिवार दहशत में है। परिवार ने सामूहिक दुष्कर्म का
मामला दर्ज न किए जाने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। उधर, विवेचक का कहना है कि अदालत में बयान होने के बाद धाराओं को बढ़ाया जाएगा। वहीं, विवेचक पीड़िता का बयान दर्ज कराने के लिए उसे खोजते रहे। लेकिन वह नहीं मिली।
कस्बे निवासी 12वीं की छात्रा को उसका दोस्त शादी का झांसा देकर ले गया था। इसके बाद अपने चार दोस्तों को सौंप दिया। सभी ने छात्रा को दिल्ली में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करते रहे। इधर पीड़िता के पिता ने 23 जनवरी को उसके दोस्त के खिलाफ तहरीर दी थी। लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज
नहीं किया और न ही छात्रा की तलाश की। छात्रा के भाई ने सुरागरसी करते अपनी बहन को दिल्ली से बंधकमुक्त कराया। लेकिन आरोपी युवक मौके से भाग निकले। 30 जनवरी को वह अपनी बहन को लेकर थाने में पेश हुआ और छात्रा के दोस्त सद्दाम, कामता प्रजापति, लेखराम पाल निवासी बिदोखर
मेंदनी तथा दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म करने की तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म का मामला न दर्ज करते हुए बीते 23 जनवरी को पिता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर दोस्त सद्दाम के खिलाफ अपहृत करने का मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़िता के भाई ने बुधवार को
पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि आरोपी लगातार सामूहिक दुष्कर्म की तहरीर वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित परिवारीजनों का कहना है कि अगर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो वह बहन के साथ सामूहिक आत्मदाह करने के
लिए मजबूर होगा। उधर, विवेचक विनय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता के अदालत में बयान होने के बाद उसी मुकदमे में सामूहिक दुष्कर्म की धाराएं बढ़ा दी जाएगी। विवेचक पीड़िता का बयान दर्ज कराने के लिए खोजते रहे। लेकिन वह नहीं मिल सकी।