औरैया/ आगरा । डायट के प्राचार्य देवेंद्र सिंह यादव पर आगरा बीएसए पद पर तैनाती के दौरान मृतक आश्रित कोटे में मनमानी नियुक्तियां करने के मामले में धोखाधड़ी, गबन समेत भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में उस दौरान उनके मातहत रहे दो अन्य कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
शिक्षा विभाग में मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति में वर्ष 2013 से 2015 तक बड़ा गोलमाल किया गया। उस दौरान आगरा में बीएसए रहे देवेंद्र सिंह यादव ने मनमाने ढंग से नियुक्ति कर दीं। मामले में विजिलेंस की जांच हुई। इस मामले तत्कालीन बीएसए देवेंद्र प्रकाश यादव, बीईओ आलोक प्रताप श्रीवास्तव और वरिष्ठ लिपिक अरुण कुमार शर्मा फंसे हैं। इन तीनों के खिलाफ बुधवार को आगरा के थाना शाहगंज में धोखाधड़ी, गबन और भ्रष्टाचार का मुकदमा सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक सियाराम निमेष ने मुकदमा दर्ज कराया है। इस समय देवेंद्र प्रकाश यादव औरैया में डायट के प्राचार्य हैं, जबकि आलोक प्रताप श्रीवास्तव हाथरस में तैनात हैं। वहीं अरुण कुमार शर्मा डीआईओएस कार्यालय में हैं। वहीं, मुकदमा दर्ज किए जाने के बारे में पूछे जाने पर डायट प्राचार्य देवेंद्र प्रकाश यादव ने जानकारी से इंकार किया। उन्हाेंने बताया कि बीते पांच साल के दौरान वह बीएसए इटावा के बाद औरैया जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐेसे में उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। बताया कि अगर कोई मामला उनके खिलाफ दर्ज होगा तो इसके लिए उनके पास नोटिस भेजा जाएगा। जिसका वह जवाब दे देंगे।