कस्बे में रविवार रात रेलवे कर्मी, उसकी पत्नी और दो वर्ष की बेटी की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी। बाद में मिट्टी का तेल डालकर शवों को आग लगा दी। पुलिस और आसपास के लोगों ने आग पर काबू पाया। घटना से कस्बे में हड़कंप मच गया। ट्रिपल मर्डर की सूचना पर डीआईजी कानपुर समेत जिले के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। मकान मालिक ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
फिरोजाबाद के मोहल्ला शीतल खां के मूल निवासी नौशाद उर्फ नौशे (59) पुत्र गुलाम रसूल रेलवे स्टेशन फफूंद पर ब्लैक एमसीएम (लोहार) के पद पर कार्यरत था। इसी साल 31 मई को उसका रिटायरमेंट होना था। रेलवे के नियमानुसार फरवरी में रेलवे कालोनी दिबियापुर स्थित सरकारी क्वार्टर उसे छोड़ना पड़ा। करीब डेढ़ माह से वह पत्नी आस्मीन (35) और दो वर्षीय बेटी शब्बो के साथ आजादनगर में ताराचंद्र के मकान में किराए पर रह रहा था।
पुलिस के मुताबिक रविवार रात अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर नौशाद, उसकी पत्नी और शब्बो की हत्या कर की। इसके बाद उनके ऊपर कपड़े और मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इसके बाद बाहर से कुंडी लगाकर हत्यारे भाग गए। रात करीब पौने दो बजे गश्त पर निकले प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड रवींद्र ने मकान से धुआं उठता देखा। सिक्योरिटी गार्ड इंचार्ज ओके यादव ने थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के मकानों में मोटरें चलवाकर आग पर काबू पाया। इस बीच फायरब्रिगेड भी पहुंच गई लेकिन तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था।
इसके बाद घर के अंदर पहुंची पुलिस तीन शव देखकर सकते में आ गई। फर्श और दीवारों पर खून लगा था। मिट्टी के तेल की महक आने से माना गया कि सबूत मिटाने के लिए हत्या के बाद शवों को आग के हवाले किया गया। डीआईजी राजेश डी मोदक, एसपी औरैया रामकिशोर, एएसपी पंकज, सीओ कुलदीप कुकरेती, प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने घटना के संबंध में पड़ताल की। डीआईजी ने आश्वस्त किया कि जल्द ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा।
उन्होंने किसी परिचित के घटना में शामिल आशंका जताई है। मकान मालिक ताराचंद्र ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या कर शव जलाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं मृतक के परिजनों से पुलिस संपर्क नही कर सकी। मृतक महिला के परिजनों को सूचना दी गई है। देर शाम तक जले शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा था।