मंगलवार को कानपुर एसटीएफ ने जिस अयोध्या प्रसाद को गिरफ्तार किया, वह बेहद शातिर है। अयोध्या को कानपुर एसटीएफ नवंबर माह में पिस्टल बनाने की फैक्ट्री सहित गिरफ्तार कर चुकी है। एसटीएफ ने दस पिस्टल के साथ बाप-बेटे को गिरफ्तार किया था। जमानत पर छूटने के बाद अयोध्या प्रसाद ने फिर से पिस्टल बेचने का धंधा शुरू कर दिया।
पिस्टल बनाने के मुख्य आरोपी अयोध्या प्रसाद पर लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में, 2007 में शस्त्र तस्करी के आरोप में इटावा के थाना सिविल लाइन में, 2015 में थाना कोतवाली औरैया में तस्करी का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा 2015 में ही थाना अजीतमल में शस्त्र अधिनियम व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। 11 नवंबर को कानपुर की एसटीएफ ने छापा मारकर दस पिस्टलें बरामद की थीं। एसटीएफ ने अयोध्या व उसके बेटे निमित पोरवाल को गिरफ्तार किया था। पिस्टल बनाने के उपकरण भी बरामद किए थे। अयोध्या प्रसाद जल्द जमानत पर छूट गया। इसके बाद फिर से पिस्टल बेचने का धंधा करने लगा।
कानपुर, लखनऊ और आगरा जाती है खेप
अयोध्या प्रसाद का नेटवर्क बहुत बड़ा है। वह पिस्टलों को कानपुर, लखनऊ, आगरा और झांसी तक सप्लाई करता है। कोतवाल संजय मिश्रा ने बताया कि कई जिलों में पिस्टलों की खेप जाती थी।
नेटवर्क नहीं तोड़ पा रही पुलिस
अयोध्या जेल जाकर कुछ महीने में ही जमानत पर बाहर आ जाता है। इसके बाद फिर से कारोबार शुरू कर देता है। पुलिस अयोध्या के नेटवर्क को ध्वस्त नहीं कर पा रही है। इस बार कानपुर एसटीएफ के अधिकारियों का दावा है कि वह अयोध्या के नेटवर्क को ध्वस्त कर अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लेंगे।