औरैया। पेट्रोल पंपों पर चिप लगाकर रिमोट से हो रही घटतौली का नेटवर्क औरैया से शुरू होने की खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन भी सकते में है। औरैया पुलिस अब पंजाब पुलिस से इस गिरोह के मास्टरमाइंड की कुंडली पता करने के लिए उसका रिकॉर्ड मांग रही है। लखनऊ में पेट्रोल पंप पर रिमोट से हो रही घटतौली के बाद यह मुद्दा एकदम गरमा गया। जबकि करीब डेढ़ साल पहले ही पंजाब पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करके यूपी को आगाह कर दिया था मगर यूपी की पुलिस और खुफिया एजेंसी हाथ पर हाथ रखे बैठी रही।
अब जब लखनऊ में मामला पकड़ा गया तो हल्ला मचा है। अमर उजाला खुलासे में इस खुलासे के बाद औरैया प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। अब सबकी निगाह यहां पर टिकी है कि आखिर अंकुर वर्मा कौन है और औरैया के किस पेट्रोल पंप पर उसने काम किया था। एसपी रामकिशोर ने बताया कि वह पंजाब पुलिस से अंकुर वर्मा का रिकॉर्ड मांग रहे है। जिससे कि जिले में उसका नेटवर्क अगर है तो उसे तोड़ा जाए। इसके अलावा वहां से यह भी पता चल जाएगा कि अंकुर वर्मा अभी जेल में है या बाहर।
मुंबई से लाया था चिप
सूत्र बताते है कि अंकुर वर्मा मुंबई गया था। जहां से वह चिप और रिमोट लाया था और उसने इस रिमोट को लगाकर जिले के ही पंप पर ट्रायल लिया था। इसके बाद उसने अपना नेटवर्क शुरू बनाया। उसके बनाएं एजेंटों ने चिप की सप्लाई शुरू कर दी। धीरे धारे यह नेटवर्क उसने पंजाब और हरियाणा में भी फैला दिया।
इंटर पास अंकुर साफ्टवेयर का था जानकार
सूत्रों से पता लगा है कि इंटर पास अंकुर वर्मा कानपुर की एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर का काम करता था। उसके तेज दिमाग के कारण कंपनी उससे काम ले रही थी। मगर वेतन कम था। जब उसने वेतन बढ़ाने की बात कही तो कंपनी ने उसे डिग्री न होने पर हटा दिया था। यहीं से उसने कुछ करने की ठान ली थी।
पंजाब में पकड़ा गया था अंकुर
डेढ़ साल पहले पंजाब के मानसा जिले में इस गिरोह का मास्टरमाइंड अंकुर वर्मा पकड़ा गया। पंजाब पुलिस ने जो खुलासा किया था उसके अनुसार कानपुर के रहने वाले अंकुर वर्मा ने कानपुर की एक कंपनी में नौकरी छूटने के बाद औरैया के एक पेट्रोल पंप पर नौकरी की थी। यहां से उसने अपना जाल फैलाया तो तीन प्रदेशों में अपना नेटवर्क स्थापित कर लिया। पंजाब पुलिस ने अंकुर व उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।