उरई। जिले में मिश्रित गुटखा बनाने वाले दो कारोबारियों को न्यायालय के द्वारा 6- 6 माह की सजा होने से मिश्रित गुटखा बनाने वालों में हड़कंप है।
खाद्य विभाग की अभिहित अधिकारी डा. प्रियंका सिंह ने बताया कि वर्ष 1996 में तत्कालीन विभागीय इंस्पेक्टर ने एट कस्बे में स्थित रामनरायन की दुकान से गुटखे का नमूना भरकर परीक्षण के लिये राजकीय प्रयोगशाला भेजा था। प्रयोगशाला में परीक्षण रिपोर्ट में गुटखे का नमूना फेल हो गया।
इसके बाद विभाग ने आरोपी दुकानदार रामनरायन तथा आरोपी निर्माता कमलेश के खिलाफ न्यायालय मे मुकदमा दर्ज करा दिया। विभाग की लंबी पैरवी के बाद सीजेएम न्यायालय से दोनों आरोपियों के खिलाफ 6-6 माह की कैद एवं 10.10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
विभाग की इस कार्रवाई से जिले में मिश्रित गुटखा माफिया हड़कंप मचा है। अभिहित अधिकारी ने बताया कि अभी कई गुटखा माफियाओं पर कार्रवाई हो सकती है। कई मामले न्यायालय में विचाराधीन है, जल्द ही उन मामलों में सजा दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सीजेएम न्यायालय ने सुनाई सजा, 10-10 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो