अमर उजाला ब्यूरो
उरई। कुठौद थाने में 13 साल पूर्व पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में एफआर लगाए जाने के आरोपी तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत चार के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंटी जारी किया। साथ ही कुठौद पुलिस से जल्द से जल्द मामले में आख्या देने के निर्देश दिए हैं। वहीं कुठौद थानाध्यक्ष सुनील तिवारी का कहना है कि कोर्ट की नोटिस मिल गई है जल्द ही आख्या भेजी जाएगी।
वर्ष 2005 में कुठौंद थाने में पुलिस हिरासत में एक आरोपी की मौत हो गई थी। उस समय थाने में तैनात थानाध्यक्ष दीपक शुक्ला ने मामले में जांच कर एफआर लगा दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान सीजेएम ने शुक्रवार देर शाम थाने में तैनात तत्कालीन थानाध्यक्ष दीपक शुक्ला सहित तीन सिपाहियों के खिलाफ गैर जमानती वारेंट जारी कर थाना पुलिस से आख्या मांगी है। कोर्ट ने निर्देश दिए है कि एक सप्ताह के अंदर पुलिस अपनी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करे। वर्तमान थानाध्यक्ष सुनील तिवारी का कहना है कि कोर्ट का निर्देश प्राप्त हो गया है। जल्द ही आख्या कोर्ट में पेश की जाएगी।
-कुठौद थाना का मामला, कोर्ट ने मांगी सात दिन में आख्या रिर्पोट
-2005 में थाने में हुई आरोपी की मौत पर लगाई थी एफआर