उरई। दलित का अपहरण कर हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर स्पेशल जज एससीएसटी श्रीनाथ सिंह ने तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में तीनों पर 57-57 हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया।
लोक अभियोजक संतराम वर्मा ने बताया कि ग्राम जलालपुर चिरगुवां थाना चुर्खी निवासी वादी ताराचंद पुत्र छोटेलाल व उसका भाई विजय 22 नवंबर 2012 को अपने घर के बाहर बैठकर रात के वक्त आग ताप रहे थे। तभी गांव के ही शिशुपाल पुत्र सोबरान यादव, संदीप उर्फ मंगल पुत्र लल्लू यादव व रामसेवक पुत्र हरदास आए और मारपीट करने लगे।
इस दौरान ताराचंद के चिल्लाने पर उसके पिता छोटेलाल, पत्नी गोमती व पुत्र शुभम घर से निकलकर आए। इस दौरान अभियुक्तों ने सभी के साथ अभद्रता कर मारपीट की। सभी लोग जान बचाने के लिए घर के अंदर की ओर भागे। अभियुक्त छोटे लाल को पकड़कर मारते पीटते अपने साथ ले गए।
दूसरे दिन छोटे लाल की लाश उसके ही खेत में मिली। इस मामले की तहरीर ताराचंद ने 23 नवंबर को दी। वादी ताराचंद, छोटे भाई विजय, पत्नी गोमती व पुत्र शुभम भी घटना में घायल हुए थे। इनकी गवाही पर न्यायाधीश ने शुक्रवार को तीनों अभियुक्तों को अपहरण, हत्या व एससीएसटी एक्ट की अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 57-57 हजार रुपये का अर्थ दंड भी लगाया।
घर से खींच कर ले गए थे आरोपी
दूसरे दिन खेत पर मिला था शव
अमर उजाला ब्यूरो