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प्राणघातक हमले के चार दोषियों को सात वर्ष की कैद

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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) प्रथमकांत ने एक 23 वर्ष पुराने प्राणघातक हमले के दोषी चार अभियुक्तों को सात वर्ष की कठोर कारावास व अर्थदंड दिया।


अभियोजन के अनुसार, वादी रामबाबू पुत्र राधेश्याम द्विवेदी निवासी बस स्टैंड औरैया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका रिश्ते का दामाद राकेश दुबे पुत्र राम प्रकाश दुबे निवासी खुर्द थाना बकेवर इटावा उसके साथ रहता है, जो किराये पर जीप चलाता है। 17 जून 1996 को दिन के लगभग 11 बजे चार लोग कुनकुन तिवारी, जहान सिंह, प्रदीप तिवारी, अनुज निवासी कखावतू व राजू नट निवासी बिरिया उसके दामाद से गाड़ी ले चलने के लिए आए। सीट को लेकर विवाद हुआ, जो इतना बढ़ गया कि जहान सिंह ने गोली चला दी, जो वहां खड़े रामशंकर व कुछ छर्रे वहीं खड़ी परवीन बानो को लगे।
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पुलिस ने मौके पर आरोपियों को पकड़ लिया। गिरजेश कुमार उर्फ कुनकुन पुत्र शिवशंकर, जहान सिंह उर्फ राजीव कुमार पुत्र कल्यान सिंह, प्रदीप कुमार पुत्र बालकराम गुप्ता व अनुज तिवारी पुत्र रामाधर निवासी कखावतू के विरुद्ध यह मामला एडीजे प्रथमकांत की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल व बचाव पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने चार दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास व नौ-नौ हजार रुपये अर्थदंड दिया। जहान सिंह को आयुध अधिनियम की धारा 27 में दो वर्ष एवं दो हजार रुपये की भी सजा दी गई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। चारों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।


औरैया नगर के 23 वर्ष पुराने मामले में सजा, अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
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