कालपी। कोतवाली क्षेत्र के काश्रीखेड़ा गांव में पुलिस पर हुए हमले के बाद मंगलवार को तीसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। उपद्रवियों की शिनाख्त के बाद अब उनकी गिरफ्तारी के अभियान के खौफ से कई लोगों ने अपने घर तक छोड़ दिए। उन घरों के दरवाजों पर ताले लटक रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर आरोपी या तो पुलिस के डर से खेतों में रात काट रहे हैं या फिर अपने नाते रिश्तेदारों के घरों में छिपे हुए हैं। वहीं सीओ सुबोध गौतम का कहना है कि फिलहाल पुलिस का पहला काम गांव में शांति कायम करना है।
बता दें कि रविवार की सुबह गांव स्थित अंबेडकर प्रतिमा के अपमान पर बवाल हुआ था। इसमें ग्रामीणों और पुलिस के बीच जमकर संघर्ष भी हुआ था। जिसमें सीओ, कोतवाल समेत कई पुलिस कर्मी घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस 200 से अधिक लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर 87 उपद्रवियों कोे चिह्नित भी किया था।
गांव में मंगलवार को भी भारी पुलिस फोर्स तैनात रही। गलियों से लेकर बाजारों तक में सन्नाटा पसरा रहा। बच्चे जरूर सड़कों पर खेलते नजर आए लेकिन चाय पान की दुकानों पर भी इक्का दुक्का लोग ही दिखाई दिए। बाजार की अधिकांश दुकानें भी बंद रही। पुलिस भी प्रतिमा से लेकर देवी मंदिर तक गश्त पर रही। अधिकारियों ने भी गांव पहुंचकर लोगों से बात की और उपद्रवियों के बारे में पता करने का प्रयास किया।
-गांव की गलियों और सड़कों पर भी सन्नाटा
-खेतों और रिश्तेदारों के घर छिप रहे आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो