औरैया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने नाबालिग लड़की के अपहरण व छेड़छाड़ करने के दोषी को सात साल की कैद सुनाई है। 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मामला छह साल पुराना है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी अभिषेक मिश्रा व विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि बिधूना कोतवाली में वादी ने रिपोर्ट लिखाई कि उसकी 14 साल की पुत्री को 21 फरवरी 2016 की सुबह इटावा के बकेवर (खिधौरा) निवासी सनी यादव बहला फुसलाकर ले गया था।
दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपहरण व पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। मामला एडीजे मनराज सिंह की कोर्ट में चला। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने तर्क किया कि आरोपी 27 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति है। उसकी शादी पीड़िता से ही हुई है, जोकि बीमार रहती है। उसके दो छोटे-छोटे बच्चे भी शादी के बाद से हैं।
आरोपी मजदूरी करके अपना व परिवार का पालन-पोषण करता है। अभियोजन के वकील जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा के अनुसार कोर्ट के समक्ष यह स्पष्ट हो गया कि घटना के समय पीड़िता 16 साल से कम आयु की थी।
इसलिए आरोपी अपहरण व पॉक्सो अधिनियम के अपराध की परिधि में आता है। भले ही वह पति-पत्नी के रूप में बाल बच्चे के साथ दांपत्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने नाबालिग लड़की के अपहरण व पॉक्सो एक्ट में सनी यादव उर्फ विक्रांत को सात साल के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले में जमा कराई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश जारी हुआ। आरोपी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।