औरैया। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत बुधवार को सभी सरकारी अस्पतालों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गर्भवती की प्रसव पूर्व जरूरी जांचें की गईं। इस मौके पर अधिक जोखिम वाली 72 गर्भवती महिलाएं को चिह्नित किया गया और खानपान व नियमित जांच कराने की सलाह दी गई।
शहर के 50 शैय्या युक्त जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत आयोजित कार्यक्रम में सीएमओ डॉ.अर्चना गौतम ने उच्च जोखिम वाली महिलाओं को जागरूक किया। इस मौके पर उन्होंने ऐसी महिलाओं को चिह्नित कर उन्हें उचित खानपान, नियमित जांच के अलावा दैनिक दिनचर्या के संबंध में जानकारी दी।
इससे पहले सीएमओ ने अस्पताल में आने वाली उच्च जोखिम वाली महिलाओं से संबंधित रजिस्टर देखा। इसमें कुछ खामियां मिलने पर संबंधित एएनएम को रजिस्टर को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीएमओ के अलावा परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी/एसीएमओ डॉ. शिशिर पुरी, सीएमएस डॉ.राजेश मोहन गुप्ता ने जांच कराने के लिए आईं गर्भवती महिलाओं को फल वितरित किए। वहीं पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को चिह्नित कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पंजीकरण करवाकर लाभ दिलवाने का कार्य भी किया गया।
कार्यक्रम में मातृत्व स्वास्थ्य के जिला सलाहकार अखिलेश कुमार ने बताया कि बुधवार को सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर कुल 895 महिलाओं की जांचें हुईं। 72 महिलाएं जोखिम भरी गर्भावस्था वाली मिली हैं।
50 शैय्या युक्त जिला अस्पताल में आई शहर के नारायणपुर की 22 वर्षीय मीनू ने बताया कि वह पहली बार गर्भवती हुई हैं । उनका सातवां महीना चल रहा है। यहां आने में उन्हें डर भी लग रहा था। दिन के हिसाब से डॉक्टर ने बच्चे का वजन कम बताया है और उन्हें दवा के साथ पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी है। वह सामान्य प्रसव चाहती हैं। इसलिए डॉक्टर के सलाह पर चलेंगी।
ब्लॉक दिबियापुर निवासी सुमन कश्यप ने बताया कि इस दिवस का अपना ही महत्व है। क्योंकि घरों में हमें बस यही लगता है कि बच्चा पेट में घूम रहा है तो सब ठीक है, पर जब जांचें होती हैं तब समझ में आता है कि वास्तव में हमें किस तरह अपना ख्याल रखना चाहिए।