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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद

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औरैया। अनुसूचित जाति की नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम मनराज सिंह ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अभियोजन पक्ष के सरकारी वकील अभिषेक मिश्रा (डीजीसी), विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो जितेंद्र सिंह तोमर व मृदुल मिश्रा ने बताया कि पीड़िता के पिता ने थाना अछल्दा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सात जून 2017 की सुबह करीब नौ बजे वह मजदूरी करने गया था। तभी रिश्तेदारी में आए नगला ज्वाला की मडैया थाना बसरेहर इटावा निवासी चंद्रकिशोर उर्फ कन्हैया उसकी 16 वर्षीय पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया।
उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो मनराज सिंह की कोर्ट में चला। अभियोजन के अधिवक्ता हृदयनरायन पांडेय ने बालिका के साथ दुष्कर्म को गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुए कठोर दंड की बहस की। वहीं, बचाव पख ने आरोपी को 30 वर्षीय शादीशुदा बाल-बच्चे वाला मजदूर बताते हुए नरम दृष्टिकोण की गुहार लगाई।
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला जज मनराज सिंह ने चंद्रकिशोर उर्फ कन्हैया उर्फ दाऊदयाल को दोषी मानकर आजीवन कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। कोर्ट ने दुष्कर्म में उम्र कैद व 20 हजार अर्थदंड, धारा 363 में सात साल की सजा व 10 हजार अर्थदंड, धारा 366 में 10 साल की कैद व 20 हजार अर्थदंड, पॉक्सो एक्ट में 20 साल की सजा व 20 हजार अर्थदंड व एससी-एसटी एक्ट में आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
इस तरह दोषी को उम्र कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा भुगतनी पड़ेगी। डीबीए प्रवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार, कोर्ट ने जमा कराई गई अर्थदंड की धनराशि में से 50 प्रतिशत पीड़िता को चिकित्सीय व्ययों एवं पुनर्वास की पूर्ति के लिए देने का भी आदेश दिया। सजा पाए दोषी चंद्र किशोर को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
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