कंचौसी (औरैया)। दिबियापुर थाना क्षेत्र के नौंगवा गांव में करंट लगने से महिला की मौत के मामले में मायके वालों के आरोप पर पुलिस ने शव चिता से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मायके वाले बच्चों के नाम जमीन और पांच लाख रुपये जमा करने की मांग कर रहे हैं।
नौंगवा गांव में शुक्रवार को नीरज दिवाकर की पत्नी मुन्नी देवी पंखा ठीक कर रही थी, तभी करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। उसकी चार साल पहले शादी हुई थी, दो बच्चे हैं। सूचना मिलने पर कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र के सरिया गांव स्थित मायके से मुन्नी देवी के पिता छोटे लाल और अन्य लोग पहुंचे। करंट लगाकर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
दोनों बच्चों के नाम दो एकड़ जमीन व पांच लाख रुपये जमा करने की मांग करने लगे। पंचायत के बाद सहमति बनी और सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। चिता में ज्यों ही आग लगाने की तैयारी हुई, मायके वालों ने फिर रोक दिया और थाने चले गए। इस पर मुन्नी का पति नीरज, ससुर कैलाश और प्रधान पति विवेक दुबे भी थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करंट से मौत हुई थी, ये लोग हंगामा कर रहे हैं। इस पर मायके वालों को पुलिस ने शांत कराया। उधर, सूचना मिलने पर फोर्स के नायब तहसीलदार बिधूना वंदना कुशवाह, एसआई रामप्रकाश पहुंचे और जांच पड़ताल की। उन्होंने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।