बिधूना (औरैया)। कोतवाली क्षेत्र के गांव रामपुर खास के मजरा टड़वा में रिटायर्ड हेड कांस्टेबल की हत्या उसके दो पुत्रों ने मिलकर की थी। हत्या की पृष्ठभूमि में पेंशन का रुपया और एक बीघा जमीन के बंटवारे का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी दोनों पुत्रों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
24 अप्रैल की रात रिटायर्ड हेड कांस्टेबल नेत्रपाल सिंह (63) पुत्र जोर सिंह की उसके गांव के बाहर स्थित खेत में बने मकान में हत्या कर दी गई थी। शव 25 अप्रैल को सुबह खेत में स्थित मकान में चारपाई में पड़ी पाई गई थी। पिता की हत्या के संबंध में पुत्र सर्वेश ने अपने ही दो भाइयों विनोद सिंह व राजेश सिंह के खिलाफ बिधूना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रविवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बिधूना सीओ मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि हत्यारोपी विनोद सिंह व राजेश सिंह को रविवार को सुबह वैवाह बंबा पुलिया भर्थना रोड से गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का टुकड़ा मकान में भूसे के ढेर से बरामद किया गया। सीओ ने बताया कि इसी लकड़ी के टुकड़े से गला घोंटकर नेत्रपाल की हत्या की गई थी।
सीओ ने बताया कि मृतक नेत्रपाल के तीन पुत्र है। सबसे बड़ा विनोद, फिर सर्वेश और राजेश। पिता नेत्रपाल अपने बीच वाले पुत्र सर्वेश के साथ रहता था। उसे ही पेंशन का रुपया देता था। इसके अलावा एक बीघा जमीन भी नाम करने की बात कह रहा था। इसको लेकर अन्य दो पुत्र विनोद और राजेश पिता से खुन्नस मानने लगे थे। कई मर्तबा उनके बीच विवाद भी हो चुका था।