दिबियापुर (औरैया)। कलक्टरी रोड पर रहने वाले एक व्यक्ति ने नगर पंचायत दिबियापुर के अध्यक्ष अरविंद पोरवाल को फोन कर आटा मांगा। उनके असमर्थता जताने पर अध्यक्ष और उसकी बातचीत का आडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। अध्यक्ष की शिकायत पर मौके पर जांच करने पहुंची दिबियापुर थाने की पुलिस के साथ अभद्रता की गई। इस पर पुलिस ने तीन लोगों को शांतिभंग में पाबंद कर दिया है।
कलक्टरी रोड पर दो मंजिला मकान में रहने वाले एक व्यक्ति ने नगर पंचायत दिबियापुर के अध्यक्ष अरविंद पोरवाल को फोन कर आटा की मांग की। अध्यक्ष ने यह कहकर मना कर दिया कि जरूरतमंद के घर तक राशन पहुंच रहा है और अब आटा बंटना बंद हो गया है।
इस पर फोन करने वाले व्यक्ति ने वोट मांगने आने पर सबक सिखाने की बात कही। इसके थोड़ी देर में ही फोन करने वाले व्यक्ति ने अपने साथियों की मदद से बातचीत का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। नगर पंचायत चेयरमैन अरविंद पोरवाल ने मामले की लिखित शिकायत दिबियापुर थाने में की। शिकायत में बताया गया कि जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने के इरादे से आडियो वायरल किया गया है। फोन करने वाला व्यक्ति सत्ताधारी दल के एक बड़े नेता का नाम भी ले रहा है।
बुधवार को दिबियापुर थाने के दरोगा मुकेश कुमार एवं दरोगा मूलेंद्र सिंह मामले की जांच करने के लिए आडियो वायरल करने वाले व्यक्ति के घर पहुंचे और पूछताछ करने लगे। इसी बीच पड़ोस के व्यक्ति ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि पड़ोसी को वीडियो बनाने से मना किया तो वह परिजनों के साथ भिड़ गया। पुलिस ने गुड्डू उर्फ शिवकांत पुत्र रामप्रकाश, रजक दुबे पुत्र कृष्णकांत एवं दिनेश यादव पुत्र हुकुम सिंह निवासीगण कलक्टरी रोड दिबियापुर को शांति भंग में पाबंद कर दिया है। कृष्णकांत की पत्नी कुसुम दुबे ने वीडियो बनाने पर पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है।
दिबियापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला का कहना है कि वीडियो बनाने से रोकने पर आरोपी पुलिस टीम से भिड़ गए थे। इसलिए उन्हें शांति भंग में पाबंद किया गया है। आडियो बनाकर वायरल करने वाला युवक मौके पर नहीं मिला है। इस संबंध में चेयरमैन अरविंद पोरवाल का कहना है कि ऐसे लोगों के कारण ही जरूरतमंदों तक मदद नहीं पहुंच पाती है।