औरैया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जनपद न्यायाधीश शिव कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गई। जिसमें जनपद में कुल 1281 मुकदमे सुलह समझौते से निस्तारित हुए। मोटर दुर्घटना के 74 व विद्युत विभाग के 182 और फैमिली कोर्ट के 26 वाद तय हुए। नौ जोड़ों ने मुकदमेबाजी से तौबा कर सुखद दांपत्य जीवन जीने की राह पकड़ी।
शनिवार को जिलाजजी में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ वीडियो कांफ्रेंसिंग हाल में जिला जज शिव कुमार ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुकदमेबाजी से लोगों का अनावश्यक समय, धन, ऊर्जा बर्बाद होती है। समाज में द्वेष, अपराध बढ़ते हैं। उन्होंने सुलह-समझौते से विवादों से निपटाने पर बल दिया। नोडल अधिकारी प्रधान न्यायाधीश राजबहादुर सिंह मौर्या व सचिव डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों ने 499, राज्य न्यायालय ने 698, बैंकों ने 84 वाद सहित कुल 1281 वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना के 74 मामले तय हुए, पीड़ित परिवारों को एक करोड़ 25 लाख 20 हजार रुपया प्रतिकर एवार्ड हुआ। जिला जज शिव कुमार ने मात्र सात मामले तय कर 43 लाख 34 हजार रुपये प्रतिकर एवार्ड किया।
एडीजे प्रथम राजेश चौधरी ने छह, रामनेत ने 12, महेश चंद्र वर्मा ने पांच, कल्पना ने 14, मीनू शर्मा ने 12 मामले तय किए। सीजेएम अर्चना तिवारी ने 196 मामले तय तक 97 हजार 440 रुपये अर्थदंड वसूला। डॉ. सुरेश कुमार ने 15 वाद निपटाए। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश आरबीएस मौर्या ने कुल 26 फैमिली वाद तय किए तथा नौ जोड़ों ने मुकदमेबाजी समाप्त कर साथ-साथ रहने की कसम खाई।
इस मौके पर जिला जज शिव कुमार, न्यायिक अधिकारी अधिकारीगण आरबीएस मौर्या, राजेश चौधरी, प्रथमकांत, कल्पना, मीनू शर्मा, डॉ. सुरेश कुमार, महेश चंद्र वर्मा, रजत सिंहा आदि की मौजूदगी में जोड़ों को विदा किया। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि विभिन्न बैंकों ने जिलाजजी में विशेष शिविर लगाए व 84 वाद तय किए। इस मौके पर अधिवक्ता महावीर शर्मा, जितेंद्र सिंह तोमर, गौरव कुमार सिंह, सतीश राजपूत, शिवम शर्मा, रिषभ पोरवाल आदि ने भी भाग लिया।