औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार ने कोतवाली क्षेत्र के गांव पुरवा मल्लाहन बिरिया में करीब साढ़े पांच वर्ष पहले एक प्लाट के झगड़े के दौरान पथराव से एक वर्ष की दुधमुंही बच्ची की मौत व गोलीबारी में दो लोगों के घायल होने के मामले में दो महिलाओं समेत पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया। इनमें चार एक ही परिवार के हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि गांव पुरवा मल्लाहन मौजा बिरिया निवासी राकेश बाबू पुत्र बेचेलाल ने कोतवाली औरैया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 18 जून 2014 को दिन में 11 बजे गांव में स्थित प्लाट पर उनकी बहन नत्थो देवी व आशा देवी अपनी दुधमुंही एक वर्ष की बच्ची शिल्पी को में लेकर सफाई करने गई थी। बेचेलाल व गांव के प्रेमचंद्र, सुनील और सुशील वहां पहले से मौजूद थे।
तभी प्लाट के विवाद को लेकर बगल के घर में मौजूद दो भाई ब्रजेश व विमलेश पुत्र रामशंकर निषाद, कुंवरदेवी उर्फ कमलेश पत्नी विमलेश, ममता पत्नी रामशंकर निषाद, रामपाल पुत्र पुत्तूलाल निवासी दूरदर्शकपुर ने आकर गाली गलौज शुरू कर दी और ईंट पत्थर से हमला बोल दिया। ब्रजेश व विमलेश तमंचे से फायरिंग करने लगे। गोली लगने से प्रेमचंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। पत्थर लगने से आशादेवी की गोद में बैठी दुधमुंही बच्ची शिल्पी की मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या व प्राणघातक हमले का यह मामला पांच लोग ब्रजेश, विमलेश, कुंवरदेवी, ममता (एक ही परिवार के) व रामपाल के विरुद्ध जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार की कोर्ट में चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा एवं अधिवक्ता रामेंद्र सिंह चौहान व मनोज त्रिपाठी ने इस बर्बरता पर कठोर दंड की मांग की। बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार ने पांच अभियुक्तों को उम्रकैद एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। ब्रजेश व विमलेश पर 45-45 हजार रुपये, कुंवरदेवी व ममता पर 15-15 हजार रुपये, रामपाल पर 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने विभिन्न धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई है, लेकिन सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। पांचों को जिला कारागार भेज दिया गया है।