औरैया। दिल्ली से एक प्राइवेट बस से परिवार के साथ भोगनीपुर जा रहे यात्री का बैग बस की डिक्की से गायब हो गया। जानकारी होने पर पीड़ित ने यूपी डायल 100 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर कोतवाली ले गई। वहां छह घंटे तक चले हंगामे के बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ, तब जाकर मामला शांत हो सका।
उदल सिंह पुत्र छोटे लाल निवासी भोगनीपुर जिला कानपुर देहात शनिवार की शाम दिल्ली से एक प्राइवेट टूरिस्ट बस से परिवार के साथ भोगनीपुर जाने के लिए रवाना हुए। औरैया पहुंचने पर वह जालौन चौराहे पर टेंपो पकड़ने के लिए उतरे। वहां उन्होंने कंडक्टर से बस की डिक्की में रखा बैग निकलवाया। लेकिन बैग न मिलने पर उनके होश उड़ गए।
इस पर उदल ने अपना बैग दिलाने के लिए बस कंडक्टर से कहा तो वह झगड़ा करने पर आमादा हो गया। इसके बाद उदल ने यूपी डायल 100 पुलिस को फोन से सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस बस को कब्जे में लेकर कोतवाली ले गई।
पीड़ित उदल सिंह ने बताया कि दिल्ली में बस से चलने से पहले उन्होंने अपना बैग सीट पर रखने के लिए कहा। इस पर कंडक्टर ने जबरन उनका बैग डिक्की में रखवा दिया। औरैया पहुंचने पर देखा तो बैग गायब मिला। बैग में कपड़े, मिठाई के अलावा पांच हजार रुपये नगद व एक मोबाइल रखा था।
उधर, कोतवाली प्रभारी शशांक राजपूत ने कहा कि बस के मालिक को फोन करके बुलाया गया है। उसके आने पर ही कुछ समाधान हो सकेगा। इधर छह घंटे तक कोतवाली में परिवार समेत बैठे उदल ने त्योहार पर समय से घर न पहुंच पाने पर हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा। रिपोर्ट दर्ज होने की बात सामने आते ही बस मालिक ने फोन पर पूरे मामले में पीड़ित की ओर से हर्जाना की मांग को पूरा कराते हुए मामला शांत कराया। इस पर कोतवाली पुलिस को लिखित रुप से समझौता होने पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।