फफूंद (औरैया)। रामलीला मैदान में जारी रामलीला मंचन में कस्बे के एक दबंग द्वारा तमंचे के बल पर नर्तकी से छेड़छाड़ और अभद्रता के मामले में पुलिस ने उस पर सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की, इस पर रामलीला कमेटी असंतुष्ट है। उनका कहना है कि जो तहरीर दी गई थी, उस पर कार्रवाई नहीं हुई। इस संबंध में कमेटी के अध्यक्ष ने सीएम, गृहमंत्री और डीजीपी को फैक्स करके पूरे प्रकरण की जानकारी दी है। साथ ही, सोमवार को एसपी सुनीति से मिलकर निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार रात साढ़े 9 बजे के आसपास कस्बे के रामलीला मैदान में जारी रामलीला मंचन में नर्तकी के मंच में आने पर कस्बे के कटरा हेमनाथ मोहल्ला निवासी सोनू दिवाकर ने मंच पर चढ़कर तमंचा निकालकर नर्तकी से छेड़छाड़ और अभद्रता की थी। रामलीला कमेटी ने एतराज जताते हुए रामलीला रोक दी। इस दौरान व मौजूद सादा वर्दी में पुलिस कर्मियों ने बजाए आरोपित को पकड़ने को वहां से भगा दिया था।
आक्रोशित रामलीला कमेटी के लोगों के धरने पर बैठने को लेकर मौके पर सीओ अजीतमल कमलेश पांडे और एसओ अखिलेश जायसवाल मौकेे पर पहुंचे और युवक पर कार्रवाई को लेकर उन्होंने रामलीला का मंचन शुरू कराया। यह घटनाक्रम करीब तीन घंटे तक चला था। बाद में पुलिस ने आरोपित सोनू की सिर्फ शांतिभंग में कार्रवाई की थी। इससे आक्रोश और बढ़ गया। सोमवार सुबह अफवाह फैल गई कि फफूंद पुलिस, कमेटी के लोगों पर आरोपित पक्ष से अनुसूचित जाति बनाम सर्वण जाति का दबाव बनाने की तैयारी कर रही है। इस पर कमेटी के अध्यक्ष रानू अग्निहोत्री, विशाल त्रिपाठी व पदाधिकारियों ने गृहमंत्री, मुख्यमंत्री व डीजीपी समेत आला अधिकारियों को फैक्स कर सूचित किया।
कमेटी के अध्यक्ष रानू अग्निहोत्री, विशाल त्रिपाठी पदाधिकारी कृपाशंकर शुक्ला, लल्ला शुक्ला, सुधांशु अग्निहोत्री, टिल्लू पाल, उमेश अवस्थी, रविंद्र दुबे, सभासद राजेश त्रिपाठी, ओमबाबू तिवारी आदि सोमवार को एसपी सुनीति से मिले और उन्हें प्रार्थनापत्र देकर घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रामलीला में अश्लीलता करने वाला आरोपी युवक शातिर है। उसको फफूंद पुलिस संरक्षण दे रही है। युवक के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक सुनीति का कहना है कि दोनों तरफ से तहरीर मिली है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ अजीतमल कमलेश पांडे को सौंपी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।